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पुरानी पेंशन और टीईटी अनिवार्यता को लेकर 11 जून से अटेवा शुरू करेगा प्रदेशव्यापी 'जन जागरण यात्रा'

Sir Ji Ki Pathshala

लखनऊ: शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले और पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली को लेकर उत्तर प्रदेश के शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इस असंतोष को देखते हुए ऑल टीचर्स एंड एम्प्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन (अटेवा) ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। अटेवा आगामी 11 जून से पूरे प्रदेश में 'जन जागरण यात्रा' की शुरुआत करने जा रहा है।

​अटेवा जन जागरण यात्रा पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन लखनऊ

​काकोरी शहीद स्थल से होगा शंखनाद

​अटेवा द्वारा आयोजित इस जन जागरण यात्रा का औपचारिक शुभारंभ राजधानी लखनऊ के ऐतिहासिक काकोरी शहीद स्थल से होगा। संगठन का मानना है कि देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले शहीदों की धरती से उठने वाली यह आवाज सरकार तक कर्मचारियों की जायज मांगों को पहुंचाएगी।

​नौकरी की सुरक्षा और पुरानी पेंशन मुख्य एजेंडा

​अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने यात्रा की घोषणा करते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में शिक्षकों और कर्मचारियों के भीतर अपनी नौकरी की सुरक्षा को लेकर भारी असुरक्षा और चिंता का माहौल है।

एक तरफ सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शिक्षकों के सामने नया संकट खड़ा हो गया है, वहीं दूसरी तरफ बुढ़ापे का सहारा कही जाने वाली पुरानी पेंशन को बहाल करने की हमारी वर्षों पुरानी मांग को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। अब युवा, शिक्षक और कर्मचारी चुप नहीं बैठेंगे।
— विजय कुमार बंधु, प्रदेश अध्यक्ष (अटेवा)

​जन जागरण यात्रा के मुख्य उद्देश्य:

  • टीईटी अनिवार्यता पर राहत की मांग: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रभावित हो रहे शिक्षकों के हितों की रक्षा और नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
  • पुरानी पेंशन (OPS) की बहाली: नई पेंशन योजना (NPS) का विरोध करते हुए देश और प्रदेश में पुरानी पेंशन को दोबारा लागू करवाना।
  • युवाओं और कर्मचारियों की लामबंदी: इस यात्रा के जरिए प्रदेश के कोने-कोने में जाकर युवाओं और कर्मचारियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना।

​अटेवा पदाधिकारियों का कहना है कि यह यात्रा केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और शिक्षकों के भविष्य को बचाने का एक बड़ा जन-आंदोलन साबित होगी। 11 जून से शुरू होने वाली इस यात्रा में भारी संख्या में शिक्षकों और युवा कर्मचारियों के जुटने की उम्मीद है।

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