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ARP, SRG और डायट मेंटर्स के लिए ₹3.03 करोड़ से अधिक का बजट जारी, 15 जून तक भुगतान के निर्देश, देखें आदेश

Sir Ji Ki Pathshala

लखनऊ, उत्तर प्रदेश के बुनियादी शिक्षा ढांचे को मजबूत करने और 'निपुण भारत मिशन' के लक्ष्यों को समय से हासिल करने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में, महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय (समग्र शिक्षा, उत्तर प्रदेश) की ओर से एक महत्वपूर्ण शासनादेश जारी किया गया है।

​राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, प्रदेश के सभी जनपदों के ए०आर०पी० (ARP), एस०आर०जी० (SRG) और डायट मेंटर्स (DIET Mentors) के लिए मोबिलिटी (वाहन) भत्ते और टी०एल०एम० (TLM) निर्माण हेतु ₹303.075 लाख (तीन करोड़ तीन लाख पचहत्तर हजार रुपये मात्र) की वित्तीय लिमिट जारी कर दी गई है।

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​मुख्य बिंदु और बजट विवरण

​जारी किया गया बजट माह अप्रैल 2026 से 15 मई 2026 की अवधि के लिए है। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यालयों के सहयोगात्मक पर्यवेक्षण (Supportive Supervision) को गति देना और शिक्षकों को ऑनसाइट शैक्षिक सपोर्ट प्रदान करना है।

​1. शिक्षण अधिगम सामग्री (TLM) के लिए विशेष अनुदान

  • ​शासनादेश के अनुसार, एस०आर०जी०, ए०आर०पी० एवं डायट मेंटर्स को स्वनिर्मित शिक्षण अधिगम सामग्री (TLM) के निर्माण हेतु ₹500.00 प्रति माह की दर से डेढ़ महीने (1 माह 15 दिन) की धनराशि स्वीकृत की गई है।

  • ​इस धनराशि का उपयोग पाठ्यबिंदु और लर्निंग आउटकम (Learning Outcomes) से संबंधित अवधारणाओं को स्पष्ट करने के लिए किया जाएगा।

  • ​जनपद स्तर पर सबसे 'बेस्ट एवं इनोवेटिव' टी०एल०एम० का संकलन कर राज्य परियोजना कार्यालय को भेजा जाएगा।

​2. पर्यवेक्षण के आधार पर तय होगा मोबिलिटी भत्ता

​मोबिलिटी भत्ते की गणना पूरी तरह से उनके द्वारा किए गए सपोर्टिव सुपरविजन (विद्यालयों के दौरों) के आधार पर की जाएगी, जिसके लिए निम्नलिखित मानक तय किए गए हैं:

  • ए०आर०पी० (ARP): 15 दिन में न्यूनतम 30 विद्यालयों का पर्यवेक्षण।

  • एस०आर०जी० (SRG): 10 दिन में न्यूनतम 20 विद्यालयों का पर्यवेक्षण।

  • डायट मेंटर्स (DIET Mentors): 5 दिन में न्यूनतम 10 विद्यालयों का पर्यवेक्षण।

​भुगतान के कड़े नियम और शर्तें

​पारदर्शिता और वित्तीय नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने कुछ विशेष निर्देश जारी किए हैं:

प्रेरणा पोर्टल का डेटा होगा आधार: ग्रीष्मकालीन अवकाश या अन्य घोषित अवकाशों को ध्यान में रखते हुए, विद्यालयों में किए गए वास्तविक सपोर्टिव सुपरविजन का मिलान 'प्रेरणा पोर्टल' के डेटा से किया जाएगा। डेटा के आधार पर ही वास्तविक भुगतान होगा। लक्ष्य पूरा न होने की स्थिति में जिला परियोजना कार्यालय द्वारा आनुपातिक दरों पर कटौती की जाएगी।

  • वाहन मिलने पर भत्ता नहीं: यदि किसी ए०आर०पी०, एस०आर०जी० या डायट मेंटर को विभाग की ओर से वाहन उपलब्ध कराया गया है, तो उन्हें उस अवधि का मोबिलिटी भत्ता देय नहीं होगा।

  • समय सीमा: जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) और सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी को यह सुनिश्चित करना होगा कि उक्त अवधि का भुगतान 15 जून 2026 तक अनिवार्य रूप से कर दिया जाए।

  • मद विचलन पर रोक: स्वीकृत की गई धनराशि का व्यय केवल निर्धारित मद (Provision for CRC के Meeting, TA मद) में ही किया जाएगा। किसी अन्य कार्य में इस बजट को ट्रांसफर (मद विचलन) नहीं किया जा सकेगा।
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