8वें वेतन आयोग का लखनऊ दौरा: छह फीसदी वेतन वृद्धि और भत्तों की मांग, कर्मचारी संगठनों ने काले फीते बांधकर जताया विरोध
8वें वेतन आयोग के दो दिवसीय लखनऊ दौरे के अंतिम दिन मंगलवार को कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर मुखर रुख अपनाया। आयोग के सदस्यों के सामने अपनी बात रखते हुए विभिन्न कर्मचारी संघों ने वेतन वृद्धि को तीन फीसदी से बढ़ाकर छह फीसदी करने का प्रस्ताव रखा। इसके साथ ही, कर्मचारियों ने भत्तों और वेतन संरचना में व्यापक बदलाव की मांग की है।
फेडरेशन ऑफ डिप्लोमा इंजीनियर्स के अध्यक्ष एनडी द्विवेदी ने आयोग के समक्ष जूनियर अभियंताओं (जेई) का पक्ष रखते हुए उनकी न्यूनतम तनख्वाह 1.39 लाख रुपये किए जाने की मांग उठाई। उन्होंने अवर अभियंताओं के वेतन में मौजूद विसंगतियों को दूर करने पर भी जोर दिया। फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल में एनडी द्विवेदी के अलावा ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ डिप्लोमा इंजीनियर्स के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव एसएस दुबे और डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के प्रान्तीय अध्यक्ष एचएन मिश्र शामिल रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने वेतन संरचना को सरल बनाने के लिए पे-लेवल को मर्ज करने का सुझाव भी दिया। आयोग को दिए गए प्रस्तुतिकरण में यह मांग की गई कि पे लेवल 6, 7 और 8 को एक साथ मर्ज कर दिया जाए, जबकि लेवल 9 और 10 को एक इकाई के रूप में व्यवस्थित किया जाए। इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों ने अपने बच्चों की शिक्षा के लिए प्रति बच्चा 10,000 रुपये प्रतिमाह शिक्षा भत्ता दिए जाने की पुरजोर मांग की है।
दूसरी ओर, इस दौरे के दौरान कुछ कर्मचारी संगठनों में नाराजगी भी देखने को मिली। कई संगठनों ने आरोप लगाया कि उन्हें आयोग के सामने अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया। इस उपेक्षा के विरोध में लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में मंगलवार को कर्मचारियों और शिक्षकों ने अपनी बांह पर काला फीता बांधकर सरकारी कामकाज किया। उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के लखनऊ जिला अध्यक्ष अफीफ सिद्दीकी ने असंतोष जताते हुए कहा कि कर्मचारियों के हितों से जुड़े इस महत्वपूर्ण आयोग के सामने सभी पक्षों को अपनी बात रखने का समान अवसर मिलना चाहिए था।


