उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में शिक्षा को बढ़ावा देने और गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए एक नई पहल पर काम कर रही है। सरकार उन परिवारों की दूसरी बेटी की ट्यूशन फीस माफ करने या उसकी प्रतिपूर्ति करने की योजना बना रही है, जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे हैं और जिनकी एक से अधिक बेटियाँ किसी विद्यालय या संस्थान में अध्ययनरत हैं।
प्रमुख शहरों में लागू होगी व्यवस्था
इस योजना के कार्यान्वयन के संबंध में, उत्तर प्रदेश शासन ने विशेष रूप से सात प्रमुख जनपदों के जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश जारी किए हैं। इसमें कानपुर नगर, आगरा, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ, सहारनपुर और लखनऊ के जिला विद्यालय निरीक्षक शामिल हैं।
स्कूलों को देना होगा फीस का विवरण
योजना को धरातल पर उतारने के लिए शिक्षा विभाग ने इन जनपदों में संचालित स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों से डेटा मांगा है। इन विद्यालयों में यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से संबद्ध स्कूल शामिल हैं। निर्देशों के अनुसार, विद्यालयों को कक्षा 9, 10, 11 और 12 के विद्यार्थियों से ली जाने वाली ट्यूशन फीस का विवरण अनिवार्य रूप से शासन को उपलब्ध कराना होगा।
समय सीमा और आगामी बैठक
शासन ने इस कार्य के लिए सख्त समय सीमा तय की है। संबंधित विद्यालयों को 25.06.2026 तक ट्यूशन फीस का डेटा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, शिक्षा विभाग के प्रतिनिधियों को 01.07.2026 को आयोजित होने वाली आगामी बैठक में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है, ताकि इस नीति के क्रियान्वयन को लेकर आगे की रणनीति तैयार की जा सके।



