प्रयागराज: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 का इंतज़ार कर रहे लाखों युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग परीक्षा के आयोजन को लेकर नई रणनीति पर काम कर रहा है। इस बार आयोग का पूरा जोर परीक्षा को पारदर्शी बनाने के साथ-साथ अभ्यर्थियों की सुविधा पर भी है।
ताजा जानकारी के अनुसार, आयोग ऐसी व्यवस्था बना रहा है जिससे उन अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिलेगी जिन्होंने प्राथमिक (Primary) और उच्च प्राथमिक (Upper Primary) दोनों स्तरों के लिए आवेदन किया है।
3.96 लाख अभ्यर्थियों के लिए विशेष योजना
UPTET 2026 के लिए कुल 16.16 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से करीब 3.96 लाख अभ्यर्थी ऐसे हैं जिन्होंने दोनों वर्गों (प्राथमिक व उच्च प्राथमिक) में अपनी दावेदारी पेश की है। पहले इन अभ्यर्थियों को अलग-अलग दिनों में परीक्षा केंद्रों पर जाना पड़ता था, जिससे काफी असुविधा होती थी।
अब आयोग की नई तैयारी यह है कि इन अभ्यर्थियों की परीक्षा एक ही दिन में दो अलग-अलग पालियों (Shifts) में संपन्न करा ली जाए। पहली पाली में प्राथमिक और दूसरी पाली में उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा आयोजित की जा सकती है।
आवेदन के आंकड़ों का पूरा गणित
3 मई को आवेदन की अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद जो आंकड़े सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं:
- प्राथमिक स्तर (Primary Level): कुल 7.84 लाख अभ्यर्थियों ने रुचि दिखाई है।
- उच्च प्राथमिक स्तर (Upper Primary Level): रिकॉर्ड 12.12 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।
- कुल विशिष्ट आवेदन: कुल मिलाकर 16.16 लाख आवेदकों ने पंजीकरण कराया है, जिनमें से कई ने दोनों श्रेणियों को चुना है।
जुलाई में प्रस्तावित है परीक्षा
आयोग ने परीक्षा के सफल संचालन के लिए 2, 3 और 4 जुलाई की संभावित तिथियां तय की हैं। वर्तमान में प्रयागराज समेत उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख शहरों में अन्य बड़ी भर्ती परीक्षाएं भी आयोजित होनी हैं, जिसे देखते हुए केंद्रों का निर्धारण एक बड़ी चुनौती है।
आयोग के अध्यक्ष के अनुसार, परीक्षा केंद्रों की उपलब्धता और अभ्यर्थियों की संख्या को संतुलित किया जा रहा है ताकि किसी भी अभ्यर्थी को दूसरे जिले में लंबी यात्रा न करनी पड़े।
अभ्यर्थियों के लिए क्या बदलेगा?
- समय और धन की बचत: एक ही दिन परीक्षा होने से अभ्यर्थियों को यात्रा और ठहरने पर होने वाले अतिरिक्त खर्च से मुक्ति मिलेगी।
- मानसिक दबाव में कमी: दो अलग-अलग दिनों की परीक्षा के बजाय एक ही दिन में प्रक्रिया पूरी होने से छात्र अपनी एकाग्रता बेहतर बनाए रख सकेंगे।
- पारदर्शी चयन प्रक्रिया: नया शिक्षा सेवा चयन आयोग इस बार ऑनलाइन व्यवस्था और परीक्षा केंद्रों की निगरानी को लेकर सख्त रुख अपना रहा है।


Social Plugin