प्रयागराज: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने राजकीय महाविद्यालयों में सहायक आचार्य (Assistant Professor) भर्ती परीक्षा-2025 को लेकर एक महत्वपूर्ण विज्ञप्ति जारी की है। आयोग के परीक्षा नियंत्रक हर्ष देव पाण्डेय द्वारा जारी इस सूचना के अनुसार, यह परीक्षा 31 मई, 2026 (रविवार) को प्रदेश के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।
अगर आपने भी इस भर्ती के लिए आवेदन किया है, तो परीक्षा से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण गाइडलाइंस और नियमों को ध्यान से पढ़ लें।
10 जिलों में एक ही सत्र में होगी परीक्षा
आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, सहायक आचार्य (राजकीय महाविद्यालय) परीक्षा-2025 (कुल 28 विषय) का आयोजन एक ही सत्र (Single Shift) में किया जाएगा।
- परीक्षा का समय: सुबह 09:30 बजे से दोपहर 11:30 बजे तक।
- परीक्षा के केंद्र (10 जनपद): अलीगढ़, बरेली, गोरखपुर, जौनपुर, कानपुर नगर, लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज और वाराणसी।
एडमिट कार्ड कैसे डाउनलोड करें और जरूरी दस्तावेज
उम्मीदवार परीक्षा के लिए अपने प्रवेश-पत्र (Admit Card) आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://uppsc.up.in से डाउनलोड कर सकते हैं। एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए अभ्यर्थियों को अपने ओ.टी.आर. (OTR) नंबर का उपयोग करना होगा।
परीक्षा केंद्र पर साथ ले जाने वाले जरूरी दस्तावेज:
- डाउनलोड किया गया प्रवेश-पत्र और अनुदेश।
- दो पासपोर्ट साइज फोटो।
- मूल आईडी प्रूफ (Original ID Proof) और उसकी एक छायाप्रति (Photocopy)। (ध्यान दें: परीक्षा कक्ष में निरीक्षक को आईडी प्रूफ की एक छायाप्रति जमा कराना अनिवार्य है।)
एंट्री टाइमिंग का रखें खास ख्याल
आयोग ने समय को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं ताकि परीक्षा सुचारू रूप से चल सके:
- एंट्री शुरू: परीक्षा शुरू होने के निर्धारित समय से 01 घंटा 30 मिनट पूर्व अभ्यर्थियों को केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा।
- गेट बंद होने का समय: परीक्षा शुरू होने से 45 मिनट पहले प्रवेश द्वार पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद किसी भी परिस्थिति में एंट्री नहीं मिलेगी।
नकल करने या कराने पर ₹1 करोड़ जुर्माना और आजीवन कारावास
उत्तर प्रदेश सरकार परीक्षा की शुचिता को लेकर बेहद गंभीर है। आयोग ने साफ किया है कि इस परीक्षा पर उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 पूरी तरह लागू होगा।
इस कानून के तहत निम्नलिखित कृत्यों को गंभीर अपराध माना गया है:
- परीक्षा में नकल करना या कराना।
- अनुचित साधनों का प्रयोग करना।
- प्रश्नपत्र का प्रतिरूपण (Impersonation) करना, उसे लीक करना या लीक करने का षड्यंत्र रचना।
अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी प्रकार के बहकावे या अनुचित साधनों से दूर रहें और पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षा में शामिल हों।


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