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UP शिक्षा सेवा चयन आयोग: ई-अधियाचन पोर्टल हुआ लाइव, 24,000+ रिक्तियों के साथ शिक्षक भर्ती की तैयारी तेज

Sir Ji Ki Pathshala

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग में शिक्षक बनने की राह देख रहे लाखों युवाओं के लिए एक निर्णायक मोड़ आ गया है। नवगठित उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने अपनी कार्यप्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए ई-अधियाचन पोर्टल (E-Adhiyachan Portal) को लाइव कर दिया है।

UP Education Service Selection Commission Recruitment

​यह पोर्टल न केवल भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाएगा, बल्कि भ्रष्टाचार और मानवीय त्रुटियों की गुंजाइश को भी समाप्त करेगा। आइए जानते हैं इस नई व्यवस्था और रिक्तियों का पूरा विवरण।

1. क्या है ई-अधियाचन पोर्टल?

​अब तक उत्तर प्रदेश में रिक्त पदों का विवरण (अधियाचन) डाक या ऑफलाइन माध्यम से भेजा जाता था, जिसमें काफी समय लगता था और अक्सर डेटा में विसंगतियां होती थीं।

  • डिजिटल फीडिंग: अब संबंधित जिलों के DIOS (जिला विद्यालय निरीक्षक) और प्रबंध तंत्र सीधे ऑनलाइन पोर्टल पर रिक्त पदों की जानकारी अपलोड करेंगे।
  • समयबद्ध प्रक्रिया: पोर्टल के माध्यम से पदों का सत्यापन (Verification) तेजी से होगा, जिससे विज्ञापन जारी करने में देरी नहीं होगी।

2. रिक्त पदों का तथ्यात्मक विवरण (अनुमानित डेटा)

​ई-अधियाचन पोर्टल के लाइव होने के साथ ही आयोग ने विभिन्न श्रेणियों में रिक्तियों का प्रारंभिक खाका तैयार किया है। वर्तमान में 24,313 से अधिक संभावित पद चर्चा में हैं:

A. माध्यमिक शिक्षा विभाग (सहायता प्राप्त विद्यालय)

​माध्यमिक स्तर पर शिक्षकों की भारी कमी को दूर करने के लिए बड़ी संख्या में पद विज्ञापित किए जा सकते हैं:

  • TGT (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक): 16,114 पद
  • PGT (प्रवक्ता): 2,705 पद
  • प्रधानाचार्य (इंटर कॉलेज): 1,502 पद
  • प्रधानाध्यापक (हाईस्कूल): 1,003 पद
  • सम्बद्ध प्राइमरी विद्यालय: 1,889 पद

B. उच्च शिक्षा विभाग (डिग्री कॉलेज)

  • असिस्टेंट प्रोफेसर व प्राचार्य: 1,000+ पद (इनमें पूर्व में विज्ञापित पदों के अतिरिक्त नए पद भी शामिल हो सकते हैं)।

3. चयन प्रक्रिया में बड़े बदलाव

​नया आयोग अब 'एक निकाय, एक भर्ती' के सिद्धांत पर काम करेगा।

  1. एकीकृत परीक्षा प्रणाली: अब प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक की भर्ती के लिए एक ही आयोग जिम्मेदार है, जिससे परीक्षाओं के कैलेंडर में सामंजस्य रहेगा।
  2. साक्षात्कार और लिखित परीक्षा: नई नियमावली के अनुसार, जहाँ आवश्यक है वहां लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के अंकों का नया अनुपात लागू किया जा सकता है।
  3. पारदर्शिता: ई-अधियाचन पोर्टल यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी पद 'बैकडोर' से न भरा जाए और हर रिक्त पद का विज्ञापन सार्वजनिक हो।

4. अभ्यर्थियों के लिए वर्तमान स्थिति और सुझाव

​वर्तमान में आयोग पुरानी लंबित परीक्षाओं (जैसे विज्ञापन संख्या 51 और पूर्व की टीजीटी-पीजीटी भर्ती) की तिथियों पर भी विचार कर रहा है। ई-अधियाचन पोर्टल का लाइव होना इस बात का संकेत है कि नए विज्ञापन भी जल्द ही देखने को मिल सकते हैं।

महत्वपूर्ण टिप: प्रतियोगी छात्रों को अब अपनी तैयारी को 'एकेडमिक' के साथ-साथ 'कॉम्पिटिटिव' स्तर पर ले जाना होगा। सिलेबस में सामान्य ज्ञान (GS) के बढ़ते महत्व को देखते हुए विषय के साथ-साथ समसामयिक विषयों पर भी ध्यान दें।

निष्कर्ष

​उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में ई-अधियाचन पोर्टल एक क्रांतिकारी कदम है। 24,000 से अधिक पदों की यह संभावित संख्या न केवल स्कूलों में शिक्षकों की कमी को पूरा करेगी, बल्कि प्रदेश के मेधावी युवाओं को रोजगार का एक बड़ा अवसर भी प्रदान करेगी।