Type Here to Get Search Results !

यूपी में अब आंधी-तूफान आने से पहले ही हो जाएंगे सावधान! योगी सरकार का ‘डॉप्लर रडार’ नेटवर्क पर बड़ा फैसला

Sir Ji Ki Pathshala

​उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने और लोगों को समय रहते सुरक्षित करने के लिए योगी सरकार ने एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के मौसम पूर्वानुमान और चेतावनी तंत्र (Weather Warning System) को और अधिक सटीक, तेज और आम लोगों तक सुलभ बनाने के निर्देश दिए हैं।

​शनिवार को राहत एवं आपदा प्रबंधन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान सीएम योगी ने साफ किया कि तकनीक का फायदा तभी है, जब वह समाज के अंतिम व्यक्ति तक सही समय पर पहुंचे।

'लास्ट माइल कनेक्टिविटी' पर जोर: गांव-गांव पहुंचेगा अलर्ट

​मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मौसम की चेतावनी केवल सरकारी फाइलों या तकनीकी सिस्टम तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। संवेदनशील और ग्रामीण क्षेत्रों में “लास्ट कनेक्टिविटी” (अंतिम व्यक्ति तक पहुंच) को मजबूत किया जाए। इसके लिए सरकार निम्नलिखित माध्यमों का व्यापक उपयोग करेगी:

  • पंचायत स्तर पर लाउडस्पीकर और स्थानीय एफएम रेडियो।
  • आईवीआरएस (IVRS) और मोबाइल एसएमएस (SMS) अलर्ट।
  • ​सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और व्हाट्सएप ग्रुप्स।
  • ​ग्राउंड लेवल पर ग्राम प्रधान, लेखपाल, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सहयोग।
"चेतावनी तभी प्रभावी मानी जाएगी जब वह समय पर आम लोगों तक पहुंचे और लोग उसके अनुसार खुद का बचाव कर सकें।"सीएम योगी आदित्यनाथ

हाईटेक हो रहा है उत्तर प्रदेश: डॉप्लर वेदर रडार का बिछेगा जाल

Doppler Weather Radar Uttar Pradesh Government CM Yogi

​मौसम की सटीक और एडवांस मॉनिटरिंग के लिए उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे को तेजी से अपग्रेड किया जा रहा है:
  • वेदर स्टेशन और रेन गेज: प्रदेश में अब तक 450 ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (AWS) और 2000 ऑटोमैटिक रेन गेज (ARG) स्थापित किए जा चुके हैं, जो मौसम के हर बदलाव पर नजर रख रहे हैं।
  • डॉप्लर वेदर रडार (Doppler Radar): मौसम का सटीक पूर्वानुमान लगाने वाले ये आधुनिक रडार वर्तमान में अलीगढ़, झांसी, लखनऊ, वाराणसी और आजमगढ़ में लगाए जा रहे हैं।
  • आगामी योजना: इसके साथ ही बरेली, देवरिया और प्रयागराज में भी अतिरिक्त रडार स्थापित करने की प्रक्रिया तेजी से जारी है।

'सचेत' प्लेटफॉर्म से भेजे जा रहे हैं कलर-कोडेड अलर्ट

​हाल ही में 13 मई 2026 को आए भीषण आंधी-तूफान का उदाहरण देते हुए अधिकारियों ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मल्टी-हैजार्ड अर्ली वार्निंग सिस्टम द्वारा इसकी सात दिन पहले से निगरानी की जा रही थी।

​शुरुआत में जारी 'येलो वार्निंग' को बाद में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 'ऑरेंज' और 'रेड अलर्ट' में बदला गया। ‘सचेत’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से भदोही, प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर और उन्नाव जैसे प्रभावित जिलों के प्रशासन, आपदा मित्रों और संबंधित विभागों को कलर-कोडेड अलर्ट और 'नाउकास्ट' (तत्काल पूर्वानुमान) भेजे गए थे, जिससे बड़े नुकसान को रोकने में मदद मिली।

सुरक्षा के लिए SOP और जागरूकता अभियान

​सीएम योगी ने केवल अलर्ट जारी करने तक सीमित न रहकर लोगों में सुरक्षित व्यवहार के प्रति जागरूकता बढ़ाने की बात कही है। इसके तहत:
  • ​स्कूलों, पंचायतों और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष जनजागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
  • ​तेज हवाओं के दौरान गिरने वाले पेड़ों, बिजली के खंभों, होर्डिंग्स और कमजोर अस्थायी ढांचों का स्थानीय स्तर पर आकलन किया जाएगा।
  • ​आपदा के समय क्या करें और क्या न करें, इसके लिए एक स्पष्ट SOP (Standard Operating Procedure) तैयार की जाएगी।