लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 'कंप्यूटर सहायतित शिक्षा' (CAL) कार्यक्रम के तहत लगाए गए कंप्यूटरों की सुरक्षा और उनके गायब होने को लेकर राज्य सरकार बेहद गंभीर हो गई है। विभिन्न जनपदों के सरकारी स्कूलों से बड़ी संख्या में कंप्यूटर चोरी होने और अब तक उनकी जिला स्तर पर सही रिपोर्ट न मिलने पर महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय ने कड़ी नाराजगी जताई है।
इस संबंध में विभाग द्वारा लगातार एक के बाद एक कड़े अनुस्मारक पत्र जारी कर सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को अल्टीमेटम दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
प्रदेश के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए कंप्यूटर सहायतित शिक्षा (CAL) योजना के तहत कंप्यूटर उपलब्ध कराए गए थे। हालांकि, राज्य के कई जिलों से इन कंप्यूटरों के चोरी होने की शिकायतें सामने आईं। इस मामले में विधानसभा की 'माननीय आश्वासन समिति' संज्ञान ले चुकी है, जिसके बाद शासन स्तर पर इस प्रकरण को शीर्ष प्राथमिकता पर रखा गया है।
लगातार चेतावनियों के बाद भी जिलों की लापरवाही
सामने आए आधिकारिक दस्तावेजों के मुताबिक, राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा इस संबंध में साल 2017, नवंबर 2025 और फरवरी 2026 में लगातार पत्र भेजे गए थे। इसके बाद मार्च 2026 में तत्कालीन अपर परियोजना निदेशक राजेंद्र प्रसाद द्वारा अंतिम चेतावनी के साथ रिपोर्ट मांगी गई थी।
ताजा स्थिति यह है कि मई 2026 तक झांसी और बागपत जिलों को छोड़कर प्रदेश के किसी भी अन्य जिले ने चोरी गए कंप्यूटरों की अद्यतन (अपडेटेड) रिपोर्ट शासन को नहीं भेजी है। इस ढुलमुल रवैये को विभाग ने अत्यंत खेदजनक माना है।
नए अपर राज्य परियोजना निदेशक ने जारी किया अंतिम अल्टीमेटम
मामले की गंभीरता को देखते हुए नए अपर राज्य परियोजना निदेशक प्रेम रंजन सिंह ने एक बार फिर बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने प्रदेश के (झांसी और बागपत को छोड़कर) सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को 'अतिमहत्वपूर्ण / अनुस्मारक पत्र-2' जारी करते हुए निम्नलिखित जानकारियां 03 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है:
- FIR की वर्तमान स्थिति: जनपद स्तर पर दर्ज कराई गई एफ.आई.आर. (FIR) की अद्यतन स्थिति क्या है?
- चार्ज शीट और फाइनल रिपोर्ट: चोरी के मामलों में पुलिस द्वारा लगाई गई चार्ज शीट या दाखिल की गई अंतिम रिपोर्ट (Final Report) का पूरा विवरण।
- न्यायालय की स्थिति: माननीय न्यायालय में चल रहे प्रकरणों की वर्तमान कानूनी स्थिति।
लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर गिरेगी गाज
शासन ने साफ कर दिया है कि यह मामला सीधे तौर पर विधानसभा की आश्वासन समिति से जुड़ा है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि अगले 3 दिनों के भीतर संबंधित जिलों द्वारा पूर्ण आख्या उपलब्ध नहीं कराई गई, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।






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