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अब बिना डिजिटल वेरिफिकेशन और प्रमाण-पत्र के कार्यमुक्त नहीं होंगे प्रगणक। पढ़ें पूरी रिपोर्ट

Sir Ji Ki Pathshala


लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आगामी 'जनगणना 2027' के प्रथम चरण (मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना) को लेकर प्रशासनिक कड़ाई शुरू हो गई है। जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तर प्रदेश (गृह मंत्रालय, भारत सरकार) ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए प्रगणकों (Enumerators) की कार्यमुक्ति (Relieving) के नियमों को बेहद सख्त कर दिया है। नए आदेश के मुताबिक, अब किसी भी प्रगणक को तब तक सेवामुक्त नहीं किया जाएगा, जब तक वह अपने कार्य की पूर्णता का विधिवत हस्ताक्षरित प्रमाण-पत्र जमा नहीं कर देता।

​निदेशालय के संयुक्त निदेशक डॉ. एस. एस. शर्मा द्वारा प्रदेश के सभी अपर जिलाधिकारियों (वित्त एवं राजस्व), जिला जनगणना अधिकारियों और सभी नगर निगमों के अपर नगर आयुक्तों को इस संबंध में कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

​डेटा की शुद्धता के लिए 'जीरो टॉलरेंस' नीति

​अक्सर देखा गया है कि फील्ड वर्क के दौरान जल्दबाजी में कुछ इलाके छूट जाते हैं या कुछ मकानों की प्रविष्टियां दोबारा (Double Entry) हो जाती हैं। इस बार प्रशासन ने ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए डिजिटल और जमीनी स्तर पर कड़े मिलान के निर्देश दिए हैं।

​आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रगणक से प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के बाद ही उन्हें ड्यूटी से मुक्त किया जाए। इस प्रमाण-पत्र के जरिए मुख्य रूप से तीन बातों की पुष्टि की जाएगी:

  • त्रुटिहीन कार्य: आवंटित किए गए सभी मकान सूचीकरण ब्लॉकों का कार्य बिना किसी छूट (Omission) या दोहराव (Duplication) के शत-प्रतिशत पूरा हो चुका हो।
  • डिजिटल अपलोडिंग: फील्ड से इकट्ठा किया गया सारा डेटा मोबाइल ऐप पर सफलतापूर्वक सिंक (Sync) हो चुका हो।
  • नजरी नक्शा (Layout Map): संबंधित क्षेत्र का लेआउट मैप अनिवार्य रूप से CMMS पोर्टल पर नियमानुसार अपलोड कर दिया गया हो।

​लापरवाही पर नपेंगे चार्ज अधिकारी

​निदेशालय ने सिर्फ प्रगणकों पर ही नहीं, बल्कि उनकी निगरानी कर रहे अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की है। आदेश के अनुसार, प्रगणक द्वारा जमा किए गए 'कवरेज प्रमाण-पत्र' की एक प्रति चार्ज अधिकारी को अपने कार्यालय में सुरक्षित रखनी होगी।

अधिकारियों को सख्त निर्देश: "सभी जिला और नगर जनगणना अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों के समस्त चार्ज अधिकारियों को तत्काल आवश्यक निर्देश जारी करें। यदि बिना पूरी पड़ताल और प्रमाण-पत्र के किसी प्रगणक को कार्यमुक्त किया गया, तो भविष्य की विसंगतियों के लिए संबंधित चार्ज अधिकारी जिम्मेदार होंगे।"


जनगणना 2027 उत्तर प्रदेश सरकारी आदेश पत्र