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TET अनिवार्यता मामला: सजल देब केस की सुनवाई 17 जुलाई तक टली, रिव्यू पिटीशन के फैसले का इंतजार बढ़ा

Sir Ji Ki Pathshala

नई दिल्ली: देशभर के लाखों शिक्षकों की नजरों में बने 'TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) अनिवार्यता' से जुड़े महत्वपूर्ण त्रिपुरा सरकार बनाम सजल देब मामले की सुनवाई एक बार फिर टल गई है। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अपडेट की गई नई संभावित तारीख के अनुसार, अब इस मामले की सुनवाई 17 जुलाई 2026 को होने की संभावना है। इस बदलाव के बाद अब यह साफ हो गया है कि टेट अनिवार्यता पर पुनर्विचार याचिका (रिव्यू पिटीशन) के सुरक्षित फैसले के लिए भी शिक्षकों को जुलाई माह तक का इंतजार करना पड़ सकता है।

TET अनिवार्यता सजल देब केस सुनवाई सुप्रीम कोर्ट

​क्यों टल रही है सजल देब केस की सुनवाई?

​सुप्रीम कोर्ट के घटनाक्रम पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक 13 मई 2026 को सुरक्षित रखा गया रिव्यू पिटीशन का फैसला सार्वजनिक (अपलोड) नहीं हो जाता, तब तक त्रिपुरा सरकार बनाम सजल देब केस की सुनवाई होना मुमकिन नहीं है।

​इससे पहले इस केस को 22 मई 2026 की संभावित सूची में शामिल किया गया था, लेकिन जब मुख्य सूची (Main List) जारी हुई, तो इस केस को हटाकर 29 मई की संभावित तारीख दी गई थी। अब इसे आगे बढ़ाकर 17 जुलाई 2026 कर दिया गया है।

​माननीय सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी और मुख्य आधार

​इस देरी के पीछे एक ठोस कानूनी प्रक्रिया और माननीय न्यायाधीशों का रुख है:

  • जस्टिस दीपंकर दत्ता की टिप्पणी: मामले की सुनवाई के दौरान माननीय न्यायाधीश दीपंकर दत्ता ने स्पष्ट किया था कि कोर्ट पहले टेट अनिवार्यता से जुड़ी पुनर्विचार याचिकाओं को सुनेगा, उसके बाद ही त्रिपुरा सरकार बनाम सजल देब मामले पर आगे बढ़ेगा।
  • 13 मई की ऐतिहासिक बहस: 1 सितंबर 2025 के 'टेट अनिवार्यता आदेश' के खिलाफ दायर सभी पुनर्विचार याचिकाओं पर 13 मई 2026 को माननीय जस्टिस दीपंकर दत्ता की पीठ ने एक साथ विस्तृत और ऐतिहासिक सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था।

​स्वाभाविक रूप से, जब तक इस मुख्य रिव्यू पिटीशन का अंतिम आदेश वेबसाइट पर अपलोड नहीं हो जाता, तब तक उससे जुड़े अन्य मामलों (जैसे सजल देब केस) की सुनवाई की संभावना न के बराबर है।

​जुलाई के मध्य में आ सकता है 'रिव्यू' का सुरक्षित फैसला

​कानूनी जानकारों का अनुमान है कि यदि मई के अंत (29-30 मई) तक रिव्यू पिटीशन का सुरक्षित फैसला नहीं आता है, तो सुप्रीम कोर्ट की आगामी छुट्टियों और सजल देब केस की नई तारीख (17 जुलाई) को देखते हुए, टेट अनिवार्यता पर सुरक्षित रखा गया ऐतिहासिक फैसला 15 जुलाई 2026 के आसपास सार्वजनिक हो सकता है।

शिक्षकों के लिए संदेश:

टेट अनिवार्यता के इस कानूनी पेच से प्रभावित देशभर के शिक्षक साथियों को फिलहाल धैर्य रखने की सलाह दी गई है। मामले से जुड़े जानकारों का कहना है कि प्रक्रिया में भले ही वक्त लग रहा है, लेकिन उम्मीद पूरी है कि "देर से ही सही, पर दुरुस्त और न्यायसंगत फैसला" आएगा।

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