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परिषदीय शिक्षकों के समायोजन हेतु 'फर्स्ट कम-फर्स्ट आउट' नीति लागू, बीएसए ने जारी किया आदेश

Sir Ji Ki Pathshala
परिषदीय शिक्षकों के लिए 'First Come First Out' समायोजन नीति लागू | BSA आगरा आदेश 2025

आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा जनपद में बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत परिषदीय शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया गया है। कार्यालय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA), आगरा ने दिसंबर 2025 में समायोजन का तीसरा आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। इस नवीन आदेश की सबसे मुख्य विशेषता समायोजन प्रक्रिया में 'फर्स्ट कम-फर्स्ट आउट' (First Come, First Out) सिद्धांत का कड़ाई से पालन करना है।

​विभाग द्वारा जारी इस दिशा-निर्देश में यह पूरी तरह स्पष्ट किया गया है कि शिक्षकों का समायोजन वरिष्ठता क्रम यानी सीनियरिटी के आधार पर ही सुनिश्चित किया जाएगा। इस प्रक्रिया का प्राथमिक उद्देश्य विद्यालयों में छात्र-शिक्षक अनुपात को संतुलित करना है ताकि शिक्षण व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।

​आदेश में समाहित 'फर्स्ट कम-फर्स्ट आउट' नीति के तकनीकी पक्ष को स्पष्ट करते हुए बताया गया है कि विद्यालय में सबसे अंत में कार्यभार ग्रहण करने वाले शिक्षकों को समायोजन हेतु सबसे पहले चयनित किया जाएगा। इसका तात्पर्य यह है कि जो शिक्षक विद्यालय में कनिष्ठ (Junior) हैं, उन्हें सरप्लस होने की स्थिति में स्थानांतरित किया जाएगा, जबकि वरिष्ठ शिक्षकों के स्थान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी जाएगी ताकि किसी भी प्रकार के भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।

​इसके अतिरिक्त, आदेश में यह विशेष आश्वासन भी दिया गया है कि शिक्षकों का समायोजन उनके वर्तमान पद और वेतनक्रम को ध्यान में रखते हुए ही किया जाएगा। स्थानांतरित होने वाले शिक्षकों के वेतनमान या पद की गरिमा में कोई बदलाव नहीं होगा, जिससे उनके सेवा संबंधी हितों की रक्षा हो सके।

​दिसंबर 2025 का यह तीसरा समायोजन आदेश जिले की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। विभाग का मानना है कि इस वैज्ञानिक और न्यायसंगत पद्धति को अपनाने से समायोजन की प्रक्रिया निर्विवाद रूप से संपन्न होगी और विद्यालयों में शिक्षकों की कमी या अधिकता की समस्या का प्रभावी समाधान हो सकेगा।

Agra Teacher Adjustment Order Dec 2025