राजकीय विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश के बदले 'अर्जित अवकाश' (Earned Leave) का नियम, RTI के जवाब में माध्यमिक शिक्षा निदेशक का जवाब
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाचार्यों, प्रभारियों और शिक्षकों के लिए ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान कार्य करने के बदले मिलने वाले 'अर्जित अवकाश' (EL) को लेकर शिक्षा निदेशालय ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। जनसूचना अधिकार अधिनियम (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में विभाग ने छुट्टियों की गणना का पूरा फॉर्मूला और पात्रता के नियमों का खुलासा किया है।
1. प्रधानाचार्यों के लिए नियम: क्या उन्हें अतिरिक्त अवकाश मिलता है?
शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी पत्र के अनुसार, यदि किसी राजकीय हाईस्कूल के प्रधानाध्यापक या राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य विभागीय आदेशों का पालन करते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश का उपयोग नहीं कर पाते हैं, तो उन्हें इसके बदले कोई अतिरिक्त अर्जित अवकाश देय नहीं होता है। सामान्य नियमों के तहत उन्हें मात्र 01 दिन का ही अर्जित अवकाश मिलता है।
2. 'प्रभारी' प्रधानाचार्यों के लिए विशेष प्रावधान
नियमों में सबसे महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण उन शिक्षकों के लिए है जो कार्यवाहक या प्रभारी प्रधानाचार्य के रूप में कार्य कर रहे हैं।
- यदि स्नातक वेतनक्रम में कार्यरत कोई अध्यापक या प्रवक्ता किसी विद्यालय में प्रभारी प्रधानाध्यापक/प्रधानाचार्य के रूप में कार्य कर रहा है और ग्रीष्मकालीन अवकाश में ड्यूटी करता है, तो वह अर्जित अवकाश का हकदार होगा।
3. अर्जित अवकाश की गणना का फॉर्मूला
प्रभारी के रूप में कार्य करने वाले शिक्षकों के लिए विभाग ने एक विशिष्ट गणितीय सूत्र (Formula) निर्धारित किया है:
जितने दिन काम किया \times 5/8 = मिलने वाली छुट्टियाँ
उदाहरण के तौर पर: यदि किसी प्रभारी ने पूरी छुट्टियों में कार्य किया है, तो इस सूत्र के आधार पर उसे कुल 26 दिन का अर्जित अवकाश देय होगा। इसमें सामान्य नियम का 1 दिन जोड़कर कुल 27 दिन (1 + 26) का लाभ मिल सकता है।
4. कार्य के प्रमाणीकरण के लिए 'सक्षम अधिकारी'
ग्रीष्मकालीन अवकाश में किए गए कार्य को सत्यापित करने के लिए विभाग ने सक्षम अधिकारियों को भी नामित किया है। अवकाश के दौरान किए गए कार्य को प्रमाणित करने की जिम्मेदारी निम्नलिखित की होगी:
- संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य।
- जिले के जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS)।
5. वित्तीय हस्तपुस्तिका का संदर्भ
शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि अवकाश के नियमों की विस्तृत व्याख्या वित्तीय हस्तपुस्तिका खण्ड-2, भाग 2 से 4 में निर्दिष्ट मूल नियमों एवं सहायक नियमों के अधीन की गई है। किसी भी विवाद की स्थिति में इन्हीं नियमों को आधार माना जाता है।
निष्कर्ष:
यह स्पष्ट है कि विभाग 'स्थायी प्रधानाचार्यों' और 'प्रभारी प्रधानाचार्यों' के लिए अलग-अलग मापदंड अपनाता है। जहाँ स्थायी पदों पर बैठे अधिकारियों को छुट्टियों के बदले अतिरिक्त अवकाश नहीं मिलता, वहीं प्रभारियों को उनके कार्य के बदले 5/8 के अनुपात में अवकाश देकर राहत दी गई है।





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