लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी सेवाओं में पदोन्नति (Promotion) की प्रक्रिया को पारदर्शी, त्वरित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल द्वारा जारी नवीनतम शासनादेश के अनुसार, अब विभागों में पदोन्नति के लिए होने वाली 'विभागीय चयन समिति' (DPC) की बैठकें पूरी तरह से ऑनलाइन आयोजित की जाएंगी।
ऑनलाइन डीपीसी (DPC) और मानव संपदा पोर्टल
शासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पदोन्नति की समस्त कार्यवाही अब 'मानव संपदा पोर्टल' पर विकसित नए डीपीसी मॉड्यूल के माध्यम से ही की जाएगी। इस पोर्टल के अतिरिक्त अन्य किसी भी माध्यम से की गई चयन की कार्यवाही अब मान्य नहीं होगी। इस डिजिटल पहल का मुख्य उद्देश्य चयन प्रक्रिया में होने वाले अनावश्यक विलंब को समाप्त करना है, जिससे शासकीय कार्य प्रभावित न हों और कर्मचारियों का मनोबल बना रहे।
"पदोन्नति द्वारा भरे जाने वाले पदों के सापेक्ष चयन की कार्यवाही समय से सम्पन्न न होने के कारण पदों को भरने में अनावश्यक विलम्ब होता है, जिसके फलस्वरूप शासकीय कार्य प्रभावित होते हैं।"
समय-सीमा का कड़ा निर्धारण
पदोन्नति प्रक्रिया को गति देने के लिए सरकार ने सख्त समय-सीमा (Deadlines) तय की हैं:
- चयन वर्ष 2026-2027: दिसंबर 2026 तक होने वाली सभी रिक्तियों के सापेक्ष चयन की कार्यवाही 30 जून, 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करनी होगी。
- चयन वर्ष 2027: 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2027 तक घटित होने वाली रिक्तियों के लिए चयन प्रक्रिया 15 जनवरी, 2027 तक पूरी करनी होगी。
- प्रस्ताव भेजने की तिथि: जिन पदों के लिए चयन कार्मिक विभाग के माध्यम से होना है, उनके प्रस्ताव जून 2026 के प्रथम सप्ताह तक पोर्टल पर उपलब्ध कराने होंगे。
जवाबदेही और अनुशासन
शासनादेश में यह चेतावनी भी दी गई है कि यदि निर्धारित समय के भीतर पदोन्नति की कार्यवाही पूरी नहीं होती है, तो संबंधित उत्तरदायी अधिकारियों के विरुद्ध उनके नियंत्रक प्राधिकारी के स्तर से कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, जो रिक्तियां लोक सेवा आयोग की परिधि में आती हैं, उनके लिए अधियाचन (Requisition) भेजने की कार्यवाही भी समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।



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