सहारनपुर। भारत की आगामी जनगणना 2027 को लेकर प्रशासनिक तैयारियाँ अब निर्णायक चरण में पहुँच गई हैं। इसी सिलसिले में सहारनपुर के जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है, जिसमें जनपद के सभी सरकारी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए स्व-गणना यानी 'सेल्फ-एन्युमरेशन' की प्रक्रिया को अनिवार्य बना दिया गया है। प्रशासन का उद्देश्य इस बार की जनगणना को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाना है, जिसकी शुरुआत सरकारी तंत्र से की जा रही है।
जिलाधिकारी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, जनगणना 2027 के पहले चरण के लिए भारत सरकार ने नागरिकों को अपनी जानकारी स्वयं दर्ज करने का आधुनिक विकल्प प्रदान किया है। इस डिजिटल प्रक्रिया के लिए 7 मई 2026 से 21 मई 2026 तक की विशेष अवधि निर्धारित की गई है। सभी संबंधित सरकारी सेवकों को निर्धारित समय के भीतर आधिकारिक पोर्टल https://se.census.gov.in पर जाकर अपना पंजीकरण और विवरण सुनिश्चित करना होगा। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इस नई व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी स्व-गणना के बाद प्राप्त होने वाली पहचान संख्या है। प्रत्येक कर्मचारी को ऑनलाइन प्रक्रिया पूर्ण करने के पश्चात एक विशिष्ट 'सेल्फ-एन्युमरेशन आईडी' (SE-ID) प्राप्त होगी। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी विभागाध्यक्षों को अपने अधीनस्थ कार्यरत समस्त स्टाफ की इस आईडी की एक विस्तृत सूची तैयार करनी होगी। यह सूची जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सरकारी तंत्र के हर सदस्य ने इस राष्ट्रीय कर्तव्य का पालन किया है।
सरकारी अमले के साथ-साथ आम नागरिकों को भी इस अभियान से जोड़ने के लिए प्रशासन ने व्यापक योजना तैयार की है। इसके तहत आगामी 14 दिनों तक विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर पर चौपालों के माध्यम से लोगों को डिजिटल जनगणना के लाभ समझाए जाएंगे। साथ ही, प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर सहायता केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। 21 मई को स्व-गणना की अवधि समाप्त होने के पश्चात, 22 मई से प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर डेटा संकलन का जमीनी कार्य शुरू किया जाएगा, जिससे जनगणना की सटीकता सुनिश्चित की जा सके।


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