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CM योगी की बड़ी बैठक: यूपी में ऑनलाइन क्लास और वर्क फ्रॉम होम पर मंथन, जल्द जारी हो सकते हैं नए निर्देश!

प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद यूपी में ऑनलाइन क्लासेस और वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) को लेकर नई रणनीति तैयार की जा रही है। पूरी रिपोर्ट पढ़ें

वैश्विक संकट के बीच यूपी में 'अलर्ट मोड': सीएम योगी का ऑनलाइन क्लास और वर्क फ्रॉम होम पर बड़ा मंथन

लखनऊ: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक अस्थिरता की आहट के बीच उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए कमर कस ली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को राजधानी लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास '5 कालिदास मार्ग' पर विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल बैठक की। इस बैठक का मुख्य एजेंडा ऑनलाइन एजुकेशन और वर्क फ्रॉम होम (WFH) जैसी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाना रहा।

CM Yogi Adityanath meeting with officials in Lucknow

​प्रधानमंत्री की अपील के बाद एक्शन में यूपी सरकार

​हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक स्तर पर गहराते संघर्षों और आर्थिक अनिश्चितता को देखते हुए देशवासियों से सावधानी बरतने की अपील की थी। पीएम की इसी दूरगामी सोच को धरातल पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के प्रशासनिक ढांचे को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

बैठक के मुख्य बिंदु इस प्रकार रहे:

  • ऑनलाइन शिक्षा: छात्रों की पढ़ाई में कोई बाधा न आए, इसके लिए शिक्षण संस्थानों में ऑनलाइन क्लास के बुनियादी ढांचे को और प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई।
  • वर्क फ्रॉम होम: सरकारी और निजी क्षेत्रों में डिजिटल तकनीक के माध्यम से घर से काम करने की संभावनाओं और उसकी कार्यप्रणाली पर विचार किया गया।
  • संसाधन प्रबंधन: ईंधन की बचत और अनावश्यक खर्चों में कटौती को लेकर ठोस रणनीति बनाने पर जोर दिया गया।

​ईंधन बचत और डिजिटल माध्यमों पर जोर

​प्रधानमंत्री मोदी ने वडोदरा में एक कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट किया था कि दुनिया कोरोना महामारी के बाद अब युद्ध और संघर्ष के दौर से गुजर रही है। इसका सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था और तेल आपूर्ति पर पड़ सकता है। इसी के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निम्नलिखित दिशा-निर्देशों पर काम करने को कहा है:

  1. सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा: पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए इलेक्ट्रिक बसों और मेट्रो के उपयोग को प्रोत्साहित करना।
  2. कारपूलिंग और वर्चुअल मीटिंग: कार्यालयों में बैठकों के लिए फिजिकल मौजूदगी के बजाय वर्चुअल मोड को प्राथमिकता देना।
  3. समन्वय और तैयारी: विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल बिठाना ताकि किसी भी आपात स्थिति में सेवाओं को डिजिटल माध्यम पर तुरंत शिफ्ट किया जा सके।
"दुनिया चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है। ऐसे में सतर्कता और संसाधनों का संतुलित उपयोग ही भविष्य की सुरक्षा की गारंटी है।" — (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का अंश)

​क्या जल्द जारी होगी नई गाइडलाइन?

​सूत्रों के अनुसार, इस मैराथन बैठक के बाद उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन कक्षाओं को लेकर एक विस्तृत एसओपी (SOP) या दिशा-निर्देश जारी कर सकती है। सरकार का लक्ष्य है कि वैश्विक अस्थिरता का असर प्रदेश की विकास दर और आम जनजीवन पर न पड़े।

प्रशासनिक स्तर पर यह भी माना जा रहा है कि डिजिटल वर्किंग कल्चर को बढ़ावा देने से न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि परिवहन पर पड़ने वाला दबाव भी कम होगा। अब देखना यह है कि सरकार इन बदलावों को अनिवार्य करती है या फिलहाल इन्हें स्वैच्छिक सुझाव के तौर पर लागू किया जाता है।
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