लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आगामी जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य में चल रही 'स्वगणना' (Self-Census) की प्रक्रिया बृहस्पतिवार को सफलतापूर्वक समाप्त हो गई। पिछले दो हफ्तों में प्रदेश के 46.93 लाख लोगों ने खुद ऑनलाइन फॉर्म भरकर इस डिजिटल मुहिम में हिस्सा लिया।
अब आज (शुक्रवार) से जनगणना का अगला चरण शुरू होने जा रहा है, जिसके तहत प्रगणक और जनगणना कर्मी सीधे आपके दरवाजे पर दस्तक देंगे। यह पूरी प्रक्रिया 20 जून तक संचालित की जाएगी।
अब घर-घर जाकर होगा सत्यापन और पंजीकरण
जनगणना कर्मियों को इस चरण के लिए दो मुख्य जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं:
- सत्यापन (Verification): जिन नागरिकों ने पहले ही स्वगणना (Self-Census) का फॉर्म भर दिया है, कर्मी उनके घर जाकर डेटा का मिलान और सत्यापन करेंगे।
- नया पंजीकरण (New Registration): जिन लोगों ने किसी कारणवश अभी तक फॉर्म नहीं भरा है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। जनगणना कर्मी खुद उनके घर आकर उनका फॉर्म भरवाएंगे।
जिलों का रिपोर्ट कार्ड: शाहजहांपुर अव्वल, राजधानी लखनऊ फिसड्डी
स्वगणना के मामले में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में उत्साह का स्तर काफी अलग देखने को मिला। जहां कुछ छोटे जिलों ने बाजी मारी, वहीं राजधानी लखनऊ जैसे बड़े महानगर इस रेस में पीछे छूट गए।शीर्ष 3 प्रदर्शन करने वाले जिले:
- शाहजहांपुर: 2.96 लाख फॉर्म (प्रदेश में पहला स्थान)
- आजमगढ़: 2.78 लाख फॉर्म (दूसरा स्थान)
- बरेली: 2.71 लाख फॉर्म (तीसरा स्थान)
नवाबों के शहर लखनऊ में जागरूकता की कमी या उदासीनता के चलते महज 98 हजार लोगों ने ही स्वगणना फॉर्म भरा। इसके अलावा सबसे कम फॉर्म भरने वाले (बॉटम 5) जिलों में निम्नलिखित शामिल हैं:
- कौशांबी
- हमीरपुर
- संतकबीरनगर
- जालौन
- बांदा


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