Type Here to Get Search Results !

69000 शिक्षक भर्ती: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एक्शन में सरकार, नए सिरे से बनेगी मूल चयन सूची

Sir Ji Ki Pathshala

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की बहुचर्चित 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर सुर्खियों में है। सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख और ताजा निर्देशों के बाद बेसिक शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। विभाग ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार आरक्षण के नियमों का कड़ाई से पालन करते हुए नए सिरे से मूल चयन सूची (Merit List) तैयार करने की कवायद तेज कर दी है। गुरुवार को आदेश की कॉपी मिलने के बाद विभागीय उच्चाधिकारियों की बैठक में इस पर गहन मंथन शुरू हो चुका है।

69000 Teachers Recruitment Update

​6 हफ्ते में तैयार होनी है नई मूल चयन सूची

​सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को इलाहाबाद हाई कोर्ट के 13 अगस्त 2024 के फैसले को आधार मानकर नई मूल चयन सूची तैयार करने का आदेश दिया है। इसके लिए सरकार को 6 सप्ताह का समय दिया गया है। कोर्ट के इस आदेश के बाद बेसिक शिक्षा विभाग के सामने तय समय सीमा के भीतर कानूनी रूप से त्रुटिहीन और पारदर्शी सूची तैयार करने की बड़ी चुनौती है।

​'याची लाभ' देने की उठने लगी मांग, अभ्यर्थियों का नया दांव

​एक तरफ जहाँ विभाग नई सूची बनाने की तैयारी में जुटा है, वहीं दूसरी तरफ चयन से वंचित रह गए अभ्यर्थियों ने अपनी रणनीति बदल दी है। 'पिछड़ा-दलित संयुक्त मोर्चा' ने सरकार के सामने मांग रखी है कि इस विवाद को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए अभ्यर्थियों को 'याची लाभ' (Petitioner Benefit) दिया जाए।

​मोर्चा के पदाधिकारियों का तर्क है कि:

  • ​जो अभ्यर्थी साल 2020 से हाई कोर्ट में और 2023 से डबल बेंच में कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं, उन प्रभावितों को नौकरी का पहला हक मिलना चाहिए।
  • ​यदि प्रदेश सरकार आने वाली सुनवाई में सभी आरक्षण प्रभावित याची अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने का प्रस्ताव कोर्ट में पेश करती है, तो यह जटिल मामला हमेशा के लिए सुलझ सकता है।

​अब 21 जुलाई की सुनवाई पर टिकी नजरें

​सुप्रीम कोर्ट के इस अंतरिम निर्देश के बाद, इस पूरे मामले पर अब 21 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट की सामान्य बेंच द्वारा विस्तार से सुनवाई की जाएगी। प्रभावित अभ्यर्थी और विभाग दोनों ही इस तारीख को लेकर बेहद गंभीर हैं।

मुख्य बिंदु:

  • आरक्षण के नियम: नई चयन सूची में आरक्षण के सभी संवैधानिक नियमों और कोटे का पूरी तरह पालन किया जाएगा। 
  • विभागीय मंथन: हाई कोर्ट के अगस्त 2024 के आदेश को आधार बनाकर विधिक पहलुओं पर चर्चा जारी है। 
  • अभ्यर्थियों की मांग: कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ रहे पीड़ितों को सीधे तौर पर याची लाभ देकर समायोजित किया जाए।

​69 हजार शिक्षक भर्ती का यह विवाद पिछले कई सालों से प्रदेश की सियासत और युवाओं के भविष्य के बीच फंसा हुआ है। अब देखना यह होगा कि बेसिक शिक्षा विभाग 6 हफ्ते के भीतर जो नई सूची पेश करता है, उससे कितने अभ्यर्थियों को राहत मिलती है और 21 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट इस पर क्या अंतिम मुहर लगाता है।