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BSA दफ्तर में 'हाई वोल्टेज' ड्रामा, 18 लाख की वसूली के लिए पुलिस ने उतरवाए पंखे और फर्नीचर

Sir Ji Ki Pathshala

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में बुधवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब राजस्व विभाग की एक टीम भारी पुलिस बल के साथ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय की कुर्की करने पहुँच गई। हालात इतने बिगड़ गए कि टीम ने दफ्तर के पंखे तक उतरवा लिए और फर्नीचर बाहर फेंकना शुरू कर दिया। लगभग दो घंटे चले इस हंगामे के बाद उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप पर टीम वापस लौटी।

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​एंटी करप्शन रेड की उड़ी अफवाह

​बुधवार दोपहर करीब 3 बजे जब पुलिस बल के साथ राजस्व टीम बीएसए दफ्तर पहुँची, तो कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। शुरुआत में चर्चा फैली कि शायद 'एंटी करप्शन टीम' ने छापा मारा है। हालांकि, जल्द ही स्पष्ट हो गया कि यह मामला 18 लाख रुपये की बकाया रिकवरी से जुड़ा है। कुर्की टीम ने आते ही सरकारी वाहनों की चाबियाँ माँगी और बिजली के पंखे खोलने शुरू कर दिए, जिसे देखकर शिक्षा विभाग के कर्मचारी सन्न रह गए।

​क्या है पूरा विवाद?

​यह पूरा मामला कोपरगंज स्थित एक प्राथमिक विद्यालय के भवन किराए से जुड़ा है।

  • विवाद का केंद्र: स्कूल का भवन सतीश चंद्र गौर का था, जिनकी मृत्यु के बाद अब उनकी 70 वर्षीय पत्नी कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं।
  • विभाग का दावा: शिक्षा विभाग का कहना है कि वे 12 लाख रुपये का भुगतान पहले ही कर चुके हैं। साल 2017 में बढ़े हुए किराए के 96 हजार रुपये भी जमा किए गए थे, जिसका बैंक स्टेटमेंट विभाग के पास मौजूद है।
  • मकान मालिक का पक्ष: दूसरी ओर, याचिकाकर्ता का दावा है कि उन्हें 96 हजार रुपये की वह राशि प्राप्त नहीं हुई है। इसी पेंच की वजह से विवाद बढ़ता गया और अंततः कुर्की के आदेश जारी हो गए।

​दो घंटे तक चली 'गर्मागर्मी'

​राजस्व और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच मौके पर तीखी नोकझोंक हुई। जहाँ एक पक्ष कानूनी आदेश का हवाला देकर जब्ती कर रहा था, वहीं बीएसए कार्यालय के कर्मचारी इसका कड़ा विरोध कर रहे थे। अंत में जब मामला बड़े अधिकारियों तक पहुँचा, तो राजस्व टीम को मोहलत दी गई और वे सामान छोड़कर वापस लौट गए।

​अब हाईकोर्ट की शरण में विभाग

​कानपुर के बीएसए सुरजीत कुमार सिंह ने बताया कि विभाग इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया अपना रहा है। विभाग को कुर्की की आहट पहले ही मिल गई थी, जिसके चलते बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव से रिट दाखिल करने की अनुमति ले ली गई थी। बुधवार को जब यह ड्रामा चल रहा था, तब विभाग की एक टीम हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखने की तैयारी कर रही थी।

​"राजस्व टीम वसूली के लिए आई थी, लेकिन उच्चाधिकारियों से वार्ता के बाद फिलहाल समय मिल गया है। हम कोर्ट के माध्यम से अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे।"सुरजीत कुमार सिंह, BSA कानपुर

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