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ACS की बैठक में कड़ा रुख: बीएसए अपने स्तर पर तय करें शिक्षकों की समायोजन प्रक्रिया

अपर मुख्य सचिव (ACS) की बैठक में बड़ा फैसला। शिक्षकों की समायोजन प्रक्रिया अब जिला स्तर पर BSA और DM तय करेंगे।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत चल रही शिक्षकों की समायोजन प्रक्रिया को लेकर शासन ने अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। कल आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में अपर मुख्य सचिव (ACS) ने समस्त जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को कड़े और स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।

ACS meeting BSA teachers adjustment order update

​बैठक में एसीएस ने साफ तौर पर कहा कि समायोजन प्रक्रिया को स्थानीय स्तर पर ही निपटाया जाए और इसमें शासन स्तर से किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप की अपेक्षा न की जाए।

​जिला स्तर पर लें निर्णय, जिलाधिकारी होंगे अध्यक्ष

​बैठक में अपर मुख्य सचिव ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा:

​"इस समायोजन प्रक्रिया से हमारा (शासन का) सीधा कोई लेना-देना नहीं है। यह पूरी प्रक्रिया आपको अपने स्तर से पूरी करनी है। चूंकि इस प्रक्रिया में जिला अधिकारी (DM) महोदय समिति के अध्यक्ष हैं, इसलिए आप स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार स्वयं निर्णय लें।"

​उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन के लिए शासन स्तर से पहले ही विस्तृत दिशा-निर्देश (गाइडलाइंस) जारी किए जा चुके हैं। अब इन दिशा-निर्देशों के आलोक में जिला स्तर पर ही अंतिम फैसला लिया जाना चाहिए।

​बैठक में दिए गए मुख्य दिशा-निर्देश

​समायोजन प्रक्रिया को पारदर्शी और विवाद-रहित बनाने के लिए बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है:

  • वरिष्ठ शिक्षकों का हो समायोजन: समायोजन की प्रक्रिया में वरिष्ठ शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाए। हालांकि, 'हेड' (प्रधानाध्यापक) के पदों और उनके समायोजन के मुद्दे पर फिलहाल शासन स्तर से मौन (Silent) बनाए रखने का संकेत मिला है।
  • स्वैच्छिक समायोजन पर 'अंडरटेकिंग': यदि कोई शिक्षक अपनी स्वेच्छा (स्वयं की इच्छा) से किसी अन्य विद्यालय में समायोजन चाहता है, तो विभाग को उससे एक लिखित Undertaking (घोषणा पत्र) लेनी होगी। इसके बाद ही उसका समायोजन सुनिश्चित किया जाए।
  • एक विषय के दो शिक्षक नहीं: विद्यालयों में शिक्षकों के संतुलन को लेकर सख्त निर्देश दिए गए हैं। यह विशेष ध्यान रखा जाए कि किसी भी एक विद्यालय में एक ही विषय के दो शिक्षक तैनात न रहें, ताकि बच्चों की पढ़ाई और संसाधनों का सही उपयोग हो सके।
  • समस्या होने पर DM से करें संपर्क: यदि समायोजन की प्रक्रिया के दौरान कोई विधिक, प्रशासनिक या अन्य परेशानी आती है, तो बीएसए तुरंत अपने जिले के जिलाधिकारी (DM) से संपर्क कर उसका समाधान निकालें।

​शासन के इस कड़े रुख से यह साफ हो गया है कि अब शिक्षकों के समायोजन की पूरी जिम्मेदारी जिला स्तर के अधिकारियों के कंधों पर है। स्थानीय स्तर पर पारदर्शिता बरतते हुए और विधिक अड़चनों से बचते हुए बीएसए को इस प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करना होगा।


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