प्रतापगढ़। जिले के सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) योजना के तहत मिलने वाले सामानों की सुरक्षा में लापरवाही बरतने वाले प्रधानाध्यापकों और स्टाफ पर अब गाज गिरने वाली है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) भूपेन्द्र सिंह ने स्कूलों में लगातार हो रही चोरियों और उनमें बरती जा रही ढिलाई को लेकर एक कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि अगर स्कूल से रसोई का सामान चोरी हुआ, तो उसकी भरपाई जिम्मेदार हेडमास्टर और स्टाफ के वेतन से की जाएगी।
लगातार हो रही चोरियों पर बीएसए की नाराजगी
बीएसए कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, विभाग के संज्ञान में आया है कि कई विद्यालयों से एलपीजी गैस सिलेंडर, चूल्हा, गैस भट्टी, बर्तन और खाद्य सामग्री चोरी होने की सूचनाएं मिल रही हैं। बेहद चिंताजनक बात यह है कि संबंधित प्रधानाध्यापक या प्रभारी प्रधानाध्यापक इसकी एफआईआर (FIR) दर्ज कराने के बजाय केवल कार्यालय को सूचना भेजकर औपचारिकता पूरी कर लेते हैं।
बीएसए ने इसे सरकारी संपत्ति के रख-रखाव में घोर लापरवाही और शिथिलता माना है। उन्होंने साल 2017 के एक पुराने आदेश का हवाला देते हुए याद दिलाया कि चोरी हुए सामान की रिकवरी कर नया सामान खरीदा जाना अनिवार्य है, ताकि कोई भी स्कूल गैस कनेक्शन से वंचित न रहे।
20 मई से बंद हो रहे हैं स्कूल, सुरक्षा के कड़े निर्देश
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि आगामी 20 मई 2026 से स्कूलों में ग्रीष्मावकाश (गर्मी की छुट्टियां) शुरू हो रहा है, जो कि 16 जून 2026 तक चलेगा। इस लंबी अवधि के दौरान चोरी के खतरों को देखते हुए खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं:
- सुरक्षित स्थान पर रखें सामान: सिर्फ छुट्टियों में ही नहीं, बल्कि सामान्य कार्य दिवसों में भी स्कूल बंद करने से पहले रसोई के सभी कीमती सामानों को अनिवार्य रूप से एक सुरक्षित स्थान पर बंद किया जाए।
- वेतन से होगी रिकवरी: यदि किसी विद्यालय में चोरी की घटना होती है, तो संबंधित प्रधानाध्यापक, प्रभारी या स्टाफ के वेतन से कटौती करके सामान की क्षतिपूर्ति की जाएगी।
- पुलिस द्वारा एफआईआर न लिखने पर एसडीएम की मदद लें: यदि स्थानीय थाना या कोतवाली शिक्षा विभाग की तरफ से चोरी की एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी करता है, तो खंड शिक्षा अधिकारी खुद उप जिलाधिकारी (SDM) के माध्यम से तत्काल कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।


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