लखनऊ: उत्तर प्रदेश के शिक्षक संगठनों ने एक बार फिर अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ (AIJTF) ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग को लेकर एक व्यापक अभियान की घोषणा की है। इस अभियान के तहत कल, 13 अप्रैल (सोमवार) को प्रदेश के सभी जनपद मुख्यालयों पर विशाल 'मशाल जुलूस' निकाला जाएगा।
महासंघ का मानना है कि शिक्षकों के हितों और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए TET की अनिवार्यता को खत्म करना आवश्यक है। संगठन के महासचिव दिलीप चौहान द्वारा जारी पत्र के अनुसार, यह आंदोलन केवल एक प्रदर्शन नहीं बल्कि शिक्षकों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है।
प्रमुख बिंदु और कार्यक्रम की रूपरेखा:
- दिनांक: 13 अप्रैल 2026 (सोमवार)।
- स्थान: उत्तर प्रदेश के समस्त जनपद मुख्यालय।
- आयोजक: अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ (AIJTF)।
- सहभागिता: समस्त घटक संगठन, सहयोगी संगठन और प्रदेश के सम्मानित शिक्षकगण।
महासंघ की अपील
महासंघ के पदाधिकारियों ने राज्य के सभी शिक्षकों से इस 'पुनीत कार्य' में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि इस अभियान की सफलता शिक्षकों की एकजुटता पर निर्भर करती है।
"यह आंदोलन समस्त शिक्षकों के सम्मान, अधिकार एवं भविष्य से जुड़ा हुआ है। आपकी सक्रिय सहभागिता ही इस मिशन को सफल बनाएगी।"— दिलीप चौहान, महासचिव (AIJTF)
व्यापक समर्थन की उम्मीद
इस मशाल जुलूस को सफल बनाने के लिए महासंघ के साथ-साथ विभिन्न जिलों के सह-संयोजकों और विधिक प्रभारियों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। लखनऊ स्थित मुख्य कार्यालय से जारी इस निर्देश के बाद प्रदेश के शिक्षा जगत में हलचल तेज हो गई है। अब देखना यह होगा कि इस आंदोलन का सरकार के रुख पर क्या प्रभाव पड़ता है।



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