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शिक्षक संकुल बैठक: 21 अप्रैल 2026 को आयोजित की जाने वाली शिक्षक संकुल बैठक का एजेण्डा एवं मासिक कार्यवृत्त देखें।

Sir Ji Ki Pathshala

बुनियादी शिक्षा की नई उड़ान और शिक्षक संकुल का संकल्प

​उत्तर प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा प्रणाली में 'शिक्षक संकुल' केवल एक पद नहीं, बल्कि धरातल पर बदलाव लाने वाला एक सशक्त माध्यम है। नवीन शैक्षणिक सत्र 2026-27 के शुभारंभ के साथ ही, हमारी प्राथमिक शिक्षा को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का समय आ गया है।

​शिक्षा के मंदिर में जब एक बच्चा कदम रखता है, तो पहले 30 दिन उसके भविष्य की नींव तय करते हैं। इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए महानिदेशक, स्कूल शिक्षा द्वारा 21 अप्रैल 2026 को आयोजित होने वाली शिक्षक संकुल बैठक का खाका तैयार किया गया है। यह बैठक केवल प्रशासनिक निर्देशों का संकलन नहीं है, बल्कि यह एक साझा मंच है—जहाँ नवाचार, आत्मीयता और शिक्षण कौशल का संगम होगा।

UP Shikshak Sankul Meeting April 2026 Agenda by Sir Ji Ki Pathshala

​'स्कूल चलो अभियान' के माध्यम से हर घर तक शिक्षा की लौ पहुँचाने से लेकर, '30-Days Impact Plan' के जरिए कक्षाओं को आनंदमय बनाने तक, यह आर्टिकल आपको आगामी बैठक के हर उस महत्वपूर्ण बिंदु से अवगत कराएगा जो हमारे 'निपुण प्रदेश' के सपने को सच करने के लिए आवश्यक है।

​आइए, इस एजेंडे को विस्तार से समझते हैं...

बैठक का विवरण

  • दिनांक: 21 अप्रैल, 2026
  • समय: अपराह्न 2:30 से 4:00 बजे तक
  • लक्ष्य: शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार, निपुण लक्ष्य की प्राप्ति और नवीन सत्र की रणनीति।
  • सूचना अपडेट: बैठक के बाद 'प्रेरणा ऐप' के DCF पर सूचना भरना अनिवार्य है।

सत्र 1: 30-Days Impact Plan (आनंदमय शिक्षण)

समय: 25 मिनट | प्रस्तुतकर्ता: शिक्षक संकुल

​शैक्षणिक सत्र के पहले 30 दिन बच्चों के जुड़ाव के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसके अंतर्गत निम्नलिखित 6 बिंदुओं पर चर्चा कर योजना बनानी है:

  1. स्वागत उत्सव: बच्चों का तिलक, तालियों और 'स्वागत कार्ड' के साथ स्वागत।
  2. सीखने का स्तर: निपुण विद्यालय आकलन और बेसलाइन के आधार पर कार्य योजना।
  3. विशेष अनुसमर्थन: उपचारात्मक शिक्षण और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों पर ध्यान।
  4. नियमित उपस्थिति: अभिभावकों से संपर्क और 'उपस्थिति स्टार चार्ट' बनाना।
  5. आनंदमय गतिविधियाँ: खेल, गीत, कहानी और साप्ताहिक 'मज़ेदार दिन' (Fun Day)।
  6. विद्यालय की पहचान: 100% नामांकन और नवाचार आधारित गतिविधियाँ।

विशेष नोट: शिक्षकों को 'Best 30' रोचक गतिविधियाँ जैसे- 'मेरा नाम मेरी कहानी', 'स्माइल वॉल', और 'मेरा दोस्त-मेरा साथी' को शामिल करने का सुझाव दिया गया है।

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सत्र 2: स्कूल चलो अभियान एवं नामांकन वृद्धि रणनीति

समय: 20 मिनट | उद्देश्य: ड्रॉपआउट और आउट-ऑफ-स्कूल बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन।

प्रमुख रणनीतियाँ:

    • रणनीति 1: घर-घर संपर्क अभियान, नामांकन रैली और ग्राम सभा में घोषणा।
    • रणनीति 2: 'स्कूल मित्र अभियान', 'नामांकन सेल्फी पॉइंट', और स्थानीय भाषा में नारों का प्रयोग।
    • रणनीति 3: विद्यालय स्तर पर 'हमारी नामांकन योजना' का प्रारूप तैयार करना और उसे U-DISE पोर्टल पर अपडेट करना।

सत्र 3: शैक्षणिक कैलेंडर 2026-27 का क्रियान्वयन

समय: 20 मिनट | उद्देश्य: पूरे वर्ष की शैक्षणिक गतिविधियों का रोडमैप तैयार करना।

प्रमुख बिंदु:

    • Guided Reading: शिक्षकों को कैलेंडर के अनुसार मासिक पाठ्यक्रम विभाजन और 'बैगलेस डे' गतिविधियों की समझ विकसित करना।
    • समूह चर्चा: 3-4 समूहों में शिक्षकों को विभाजित कर विभिन्न महीनों (जैसे अप्रैल-मई, जुलाई-अगस्त) के लिए तैयारियों पर चर्चा करना।
    • मुख्य आकर्षण: अप्रैल में नामांकन, जुलाई में स्कूल चलो (द्वितीय चरण), और अक्टूबर में अर्धवार्षिक परीक्षा की योजना।

सत्र 4: समग्र प्रगति पत्र (HPC) - समझ एवं प्रभावी क्रियान्वयन

समय: 20 मिनट | उद्देश्य: छात्र प्रगति के आकलन को पारदर्शी और प्रभावी बनाना।

    • ​राज्य परियोजना कार्यालय के 19 मार्च 2026 के पत्र के अनुसार 'समग्र प्रगति पत्र' के संबंध में शिक्षकों को अवगत कराना।
    • ​अभिभावकों के साथ छात्र की प्रगति पर नियमित चर्चा सुनिश्चित करना।
    • ​शिक्षक समूहों द्वारा प्रगति पत्र भरने की प्रक्रिया का अभ्यास करना।

महत्वपूर्ण निर्देश

बैठक में डायट प्राचार्य, BSAs, BEOs, DC (Training), SRGs और ARPs की प्रतिभागिता अनिवार्य की गई है ताकि शिक्षकों को निपुण लक्ष्य की प्राप्ति हेतु प्रोत्साहित किया जा सके। सभी शैक्षणिक सामग्री जैसे संदर्शिका, प्रिंट रिच मटेरियल और किट्स का कक्षा-शिक्षण में प्रयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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