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Basic School Time Table 2026-27: सभी कक्षाओं (1 से 8) की नई समय सारिणी डाउनलोड करें

Sir Ji Ki Pathshala
Basic School Time Table 2026-27

उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की नई समय सारिणी (Time Table) जारी कर दी गई है। इस नई समय सारिणी का मुख्य उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ शिक्षण कार्यों को व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से पूरा करना है।

Basic School Time Table 2026-27

अक्सर देखा जाता है कि गर्मी और सर्दी के मौसम के अनुसार स्कूलों के समय में परिवर्तन किया जाता है, जिससे शिक्षकों और अभिभावकों में संशय की स्थिति बनी रहती है। आपकी सुविधा के लिए हमने यहाँ कक्षा 1 से 8 तक की विस्तृत समय सारिणी और ग्रीष्मकालीन फॉर्मेट के सीधे डाउनलोड लिंक दिए हैं।

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विद्यालय समय सारिणी: मार्गदर्शिका और नियम

​किसी भी शिक्षण संस्थान की सफलता उसकी सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली पर निर्भर करती है। इसी उद्देश्य से विद्यालयों में पठन-पाठन को नियमित और अनुशासित बनाने के लिए समय सारिणी (Time-Table) के निर्धारण हेतु कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य छात्रों का सर्वांगीण विकास और शैक्षणिक सत्र का समयबद्ध संचालन सुनिश्चित करना है।

​1. विषयवार एवं कक्षावार विभाजन

​विद्यालय के प्रधानाध्यापक या इंचार्ज प्रधानाध्यापक की यह प्राथमिक जिम्मेदारी है कि वे उपलब्ध शिक्षक संख्या के आधार पर एक संतुलित समय सारिणी तैयार करें। इसमें प्रत्येक कक्षा और प्रत्येक विषय के लिए पर्याप्त समय आवंटित किया जाना चाहिए, ताकि पठन-पाठन की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके।

​2. मध्याह्न भोजन (MDM) का व्यवस्थित संचालन

​छात्रों के पोषण और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मध्याह्न भोजन के लिए 30 मिनट का समय निर्धारित किया गया है। इस निर्धारित अवधि के भीतर ही निम्नलिखित कार्यों को कुशलतापूर्वक संपन्न करना अनिवार्य है:

  • ​बच्चों को पंक्तिबद्ध तरीके से बैठाना।
  • ​स्वच्छता के साथ भोजन का वितरण।
  • ​भोजन के पश्चात बच्चों का पुनः अपनी कक्षाओं में प्रस्थान।

​3. एकेडमिक कैलेण्डर का पालन और उत्तरदायित्व

​शिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए एकेडमिक कैलेण्डर में दिए गए निर्देशों का अक्षरशः पालन करना आवश्यक है।

  • पाठ्यक्रम की पूर्णता: प्रधानाध्यापक को यह सुनिश्चित करना होगा कि हर माह का निर्धारित पाठ्यक्रम समय पर पूरा हो।
  • निरीक्षण और जवाबदेही: दिवसवार और कालॉशवार (Period-wise) समय सारिणी के अनुपालन के लिए सीधे तौर पर प्रधानाध्यापक उत्तरदायी होंगे।

​4. पारदर्शिता और सूचना का प्रसार

​समय सारिणी केवल रजिस्टर तक सीमित न रहे, बल्कि इसकी जानकारी सभी संबंधित पक्षों को होनी चाहिए। इसके लिए:

  • ​समय सारिणी को प्रधानाध्यापक कक्ष और विद्यालय के नोटिस बोर्ड पर अनिवार्य रूप से चस्पा किया जाए।
  • ​इससे निरीक्षण के लिए आने वाले अधिकारियों, अभिभावकों और अन्य आगंतुकों को विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों और समय प्रबंधन की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।

नीचे दिए गए सेक्शन में आप अपनी कक्षा के अनुसार विशिष्ट समय सारिणी देख सकते हैं और उसे PDF फॉर्मेट में Save कर सकते हैं।

इस समय सारिणी का पालन करना सभी विद्यालयों के लिए अनिवार्य है। समय-समय पर मौसम के अनुसार विभाग द्वारा इसमें जो भी संशोधन किए जाएंगे, उसकी जानकारी आपको इसी वेबसाइट पर सबसे पहले दी जाएगी। कृपया इस पेज को बुकमार्क कर लें और अन्य शिक्षक साथियों के साथ शेयर करें।