शिक्षकों के टैबलेट्स की शिकायतों का होगा समाधान, महानिदेशक ने माँगी 3 दिन में रिपोर्ट
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए शिक्षकों को वितरित किए गए टैबलेट्स के रखरखाव और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए शासन ने सख्त रुख अपनाया है। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को पत्र जारी कर टैबलेट्स की वारंटी और सर्विस से संबंधित विस्तृत सूचना मांगी है।
टैबलेट्स की वारंटी और तकनीकी समस्याओं का निपटारा
महानिदेशक द्वारा जारी आदेश के अनुसार, समग्र शिक्षा योजना के तहत शिक्षकों को उपलब्ध कराए गए 2,09,863 टैबलेट्स की वारंटी और मोबाइल डिवाइस मैनेजमेंट (MDM) सेवाओं के संबंध में शिक्षकों की लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इन समस्याओं (Grievances) के निवारण के लिए शासन स्तर पर M/s MIRC Electronics Ltd. को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आर्टिकल के मुख्य बिंदु:
- कैंप का आयोजन: शिक्षकों के टैबलेट्स में आ रही तकनीकी खराबी को दूर करने के लिए जनपदों में विशेष कैंप लगाने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं।
- 3 दिन की समयसीमा: सभी BSAs को निर्देशित किया गया है कि वे वित्तीय वर्ष 2025-26 में उनके जिले में कितने टैबलेट्स पर AMC (एनुअल मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट) सेवाएं प्रदान की गई हैं, इसकी जानकारी 3 दिनों के भीतर उपलब्ध कराएं।
- सूचना का प्रारूप: विभाग ने एक विशेष प्रारूप (Format) संलग्न किया है, जिस पर जिलेवार टैबलेट की वारंटी स्थिति और मरम्मत की जानकारी भरनी होगी।



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