लखनऊ: उत्तर प्रदेश के महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय द्वारा प्रदेश के समस्त बेसिक शिक्षा अधिकारियों और डायट (DIET) प्राचार्यों को एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया गया है। इस आदेश के तहत शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालयों में पठन-पाठन को सुव्यवस्थित करने हेतु नई समय-सारिणी (Time-Table) और दिशा-निर्देश निर्धारित किए गए हैं।
मुख्य दिशा-निर्देश और समय प्रबंधन
सरकार द्वारा जारी इस नवीनतम आदेश में शिक्षण की गुणवत्ता सुधारने के लिए कई कड़े कदम उठाए गए हैं:
- पीरियड की अवधि: प्रत्येक काल़ांश (Period) 40 मिनट का निर्धारित किया गया है। शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे क्लास शुरू होने पर पिछले दिन के पाठ का रिविजन/रिकैप कराएं और अंत में पढ़ाए गए पाठ का समेकन करें।
- मिड-डे मील (MDM): दोपहर के भोजन के वितरण और बच्चों के वापस कक्षा में जाने के लिए कुल 30 मिनट का समय तय किया गया है।
- अनिवार्य विषय:
- प्राथमिक विद्यालय: भाषा और गणित का एक काल़ांश प्रतिदिन अनिवार्य रूप से होगा।
- उच्च प्राथमिक/कंपोजिट विद्यालय: गणित, अंग्रेजी और विज्ञान के काल़ांश प्रतिदिन अनिवार्य रूप से निर्धारित किए जाएंगे।
डिजिटल शिक्षा और तकनीकी समावेश
शिक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए इस बार 'खान एकेडमी' (Khan Academy) के डिजिटल संसाधनों के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया है। कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए सप्ताह में कम से कम एक काल़ांश डिजिटल शिक्षण हेतु आरक्षित किया जाएगा।
पारदर्शिता और जवाबदेही
विद्यालय प्रशासन को और अधिक पारदर्शी बनाने हेतु निम्नलिखित निर्देश दिए गए हैं:
- सार्वजनिक प्रदर्शन: विद्यालय की समय-सारिणी को प्रधानाध्यापक कक्ष और स्कूल के नोटिस बोर्ड पर अनिवार्य रूप से चस्पा करना होगा, ताकि अभिभावक और निरीक्षण अधिकारी इसे देख सकें।
- प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी: कक्षावार और विषयवार समय-सारिणी तैयार करने और उसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने की पूरी जिम्मेदारी विद्यालय के प्रधानाध्यापक/इंचार्ज प्रधानाध्यापक की होगी।
- शिक्षण सामग्री का उपयोग: शिक्षकों को उपलब्ध कराई गई विभिन्न शिक्षण सामग्री जैसे संदर्शिका, कार्यपुस्तिका, प्रिंटरिच सामग्री और टी.एल.एम. (TLM) किट्स का प्रभावी उपयोग करने का निर्देश दिया गया है।
मॉनिटरिंग और अनुपालन
महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) और जिला समन्वयकों द्वारा समय-समय पर स्कूलों का निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान समय-सारिणी के अनुपालन और शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार मासिक लक्ष्य (Monthly Target) की प्राप्ति की जांच की जाएगी।



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