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UPTET 2026: प्राथमिक स्तर में बीएड का नाम आने से अभ्यर्थियों में असमंजस, टीईटी पर उठे सवाल!

Sir Ji Ki Pathshala

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा जारी यूपी-टीईटी (UP-TET) की हालिया गाइडलाइन ने प्रदेश के लाखों प्रतियोगी छात्रों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। गाइडलाइन के कुछ हिस्सों में प्राथमिक स्तर की परीक्षा के संदर्भ में 'बीएड' (B.Ed) का जिक्र होने से छात्र चकित हैं, क्योंकि यह सीधे तौर पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के उलट प्रतीत होता है।

UPTET 2026 BEd eligibility controversy fact check thumbnail

क्या है पूरा विवाद?

​पिछले साल 11 अगस्त 2023 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) की शिक्षक भर्ती के लिए बीएड अभ्यर्थियों को अयोग्य घोषित कर दिया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि प्राथमिक विद्यालयों के लिए केवल बीटीसी (D.El.Ed) धारक ही पात्र होंगे।

​अब चयन आयोग की गाइडलाइन में प्राथमिक टीईटी के कॉलम में बीएड का उल्लेख होने से दो तरह की बातें सामने आ रही हैं:

  1. तकनीकी त्रुटि: जानकारों का मानना है कि यह पुराने नियमों का 'कॉपी-पेस्ट' हो सकता है, जिसे अपडेट नहीं किया गया।
  2. पात्रता पर संशय: अभ्यर्थी इस बात को लेकर परेशान हैं कि यदि वे फॉर्म भरते हैं और परीक्षा पास भी कर लेते हैं, तो क्या भविष्य में भर्ती के समय उनकी डिग्री मान्य होगी?

गाइडलाइन के विरोधाभास

​हैरानी की बात यह है कि एक ओर गाइडलाइन के विवरण में बीएड का जिक्र है, वहीं दूसरी ओर विस्तृत शैक्षिक अर्हता (Eligibility Criteria) वाले मुख्य भाग में बीएड को प्राथमिक स्तर के लिए शामिल नहीं किया गया है। इसी विरोधाभास ने सोशल मीडिया से लेकर कोचिंग संस्थानों तक चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।

अभ्यर्थियों की मांग

​बीटीसी अभ्यर्थियों का कहना है कि जब सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ चुका है, तो आयोग को अपनी नियमावली में तत्काल संशोधन कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। वहीं, बीएड अभ्यर्थी भी इस "असमंजस की राजनीति" से दुखी हैं, क्योंकि स्पष्टता न होने के कारण वे अपनी भविष्य की रणनीति तय नहीं कर पा रहे हैं।

महत्वपूर्ण (Clarification)

1. क्या B.Ed अभ्यर्थी प्राथमिक स्तर के लिए योग्य हैं?

नहीं। वर्तमान में प्राथमिक स्तर (कक्षा 1-5) के लिए केवल D.El.Ed (BTC) अभ्यर्थी ही मान्य हैं।

Supreme Court of India के 11 अगस्त 2023 के फैसले के अनुसार B.Ed धारक प्राथमिक भर्ती के लिए अयोग्य हैं।

2. फिर गाइडलाइन में B.Ed का जिक्र क्यों आया?

  • पुरानी गाइडलाइन का अपडेट न होना (कॉपी-पेस्ट त्रुटि)
  • सेकेंडरी/जूनियर स्तर की पात्रता का गलत मिक्स होना
  • ड्राफ्ट में टेक्निकल गलती

👉 इसे आधिकारिक पुष्टि नहीं माना जाना चाहिए।

3. क्या UPTET 2026 देने से B.Ed अभ्यर्थियों को फायदा होगा?

  • प्राथमिक स्तर के लिए: नहीं
  • उच्च प्राथमिक (कक्षा 6-8): B.Ed अभी भी मान्य है

👉 इसलिए लेवल के अनुसार रणनीति बनाना जरूरी है।

4. क्या भविष्य में नियम बदल सकते हैं?

हाँ, लेकिन केवल तब जब नया सरकारी आदेश (GO) आए या कोर्ट के फैसले में बदलाव हो।

👉 अभी तक ऐसा कोई आधिकारिक अपडेट नहीं है।

6. छात्रों को क्या करना चाहिए?

  • केवल ऑफिशियल नोटिफिकेशन पर भरोसा करें
  • सोशल मीडिया अफवाहों से बचें
  • अपनी योग्यता के अनुसार ही फॉर्म भरें

👉 अभी की स्थिति में B.Ed = प्राथमिक भर्ती के लिए मान्य नहीं

निष्कर्ष

​फिलहाल, आयोग की ओर से इस पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है। विशेषज्ञों की राय है कि जब तक कोई नया वैधानिक बदलाव या अध्यादेश नहीं आता, तब तक सुप्रीम कोर्ट का 11 अगस्त 2023 वाला फैसला ही सर्वोपरि रहेगा। ऐसे में छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट के अपडेट पर ही भरोसा करें।

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