उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने UPTET (उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा) के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस बार परीक्षा में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जो प्रदेश के लाखों शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर लेकर आए हैं। अब न केवल डिग्री धारक, बल्कि प्रशिक्षण ले रहे छात्र भी इस सुनहरे अवसर का लाभ उठा सकेंगे।
महत्वपूर्ण तिथियां और आवेदन प्रक्रिया
नवनियुक्त उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग पहली बार इस परीक्षा का आयोजन करने जा रहा है। आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर 27 तारीख से आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते अपने दस्तावेज तैयार कर लें।
कौन कर सकेगा आवेदन? (अर्हता)
आयोग ने पात्रता के दायरे को बढ़ाते हुए निम्नलिखित अभ्यर्थियों को शामिल होने की अनुमति दी है:
- डीएलएड (बीटीसी): दो वर्षीय डीएलएड के अंतिम वर्ष में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे या उत्तीर्ण अभ्यर्थी।
- बीएलएड: न्यूनतम 50% अंकों के साथ इंटरमीडिएट और चार वर्षीय बीएलएड के अंतिम वर्ष के छात्र।
- प्रशिक्षित स्नातक: संबंधित विषयों में स्नातक और प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र में डिप्लोमा धारक।
पासिंग मार्क्स (कट-ऑफ) का निर्धारण
आयोग ने श्रेणियों के आधार पर न्यूनतम अर्हक अंक (Qualifying Marks) तय कर दिए हैं:
- सामान्य वर्ग: 60% अंक (90 अंक)
- आरक्षित वर्ग (SC/ST/OBC/EWS/दिव्यांग आदि): 55% अंक (82 अंक)
डिजिटल लॉकर में मिलेगा प्रमाणपत्र
अभ्यर्थियों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी यह है कि UPTET प्रमाणपत्र की वैधता अब आजीवन (Lifetime) रहेगी। एक बार परीक्षा पास करने के बाद अभ्यर्थी भविष्य की सभी शिक्षक भर्तियों के लिए पात्र रहेंगे। इसके साथ ही, प्रमाणपत्रों का वितरण डिजी लॉकर (DigiLocker) के माध्यम से किया जाएगा, जिससे भौतिक रूप से इसे सुरक्षित रखने की चिंता समाप्त हो जाएगी।
विशेष नोट: यदि आवेदकों की संख्या अधिक होती है, तो परीक्षा एक से अधिक पालियों में आयोजित की जाएगी। ऐसी स्थिति में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए 'नॉर्मलाइजेशन' (Normalization) की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।


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