प्रयागराज: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP-TET) 2026 की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए एक बेहद जरूरी और चेतावनी भरी खबर है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के नाम पर चलाई जा रही एक फर्जी वेबसाइट के मामले में प्रयागराज के कर्नलगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के उपसचिव मनोज कुमार सिंह की तहरीर पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। आयोग के संज्ञान में आया कि कुछ शरारती तत्वों द्वारा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट से मिलती-जुलती एक फर्जी वेबसाइट बनाकर अभ्यर्थियों को गुमराह किया जा रहा है।
तहरीर के मुताबिक, आयोग ने अपनी अधिकृत वेबसाइट पर 20 मार्च को यूपी-टीईटी 2026 का आधिकारिक विज्ञापन जारी किया था। इसी का फायदा उठाकर जालसाजों ने एक फर्जी पोर्टल तैयार कर लिया, जिससे डेटा चोरी या अवैध वसूली का खतरा बना हुआ था।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
कर्नलगंज थाना प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि आयोग की शिकायत पर आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की साइबर सेल अब उस तथाकथित वेबसाइट के आईपी एड्रेस और उसे बनाने वाले सर्वर की जांच कर रही है। थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अभ्यर्थी कैसे बचें? (सावधानी के टिप्स)
आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी सूचना के लिए केवल आधिकारिक सूत्रों पर ही भरोसा करें। फर्जी वेबसाइटों से बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:
- URL की जांच करें: हमेशा सुनिश्चित करें कि आप आयोग की आधिकारिक वेबसाइट (जो .gov.in या अधिकृत डोमेन पर हो) पर ही जा रहे हैं।
- सोशल मीडिया से बचें: केवल व्हाट्सएप या फेसबुक पर तैर रहे लिंक पर क्लिक करके अपनी निजी जानकारी या फीस जमा न करें।
- SIR JI KI PATHSHALA का सुझाव: किसी भी विज्ञापन को डाउनलोड करने के बाद उसमें दिए गए हस्ताक्षर और आयोग की मुहर की सत्यता जरूर जांचें।
UP TET 2026 पर इसका असर?
आयोग ने स्पष्ट किया है कि 20 मार्च को जारी मूल विज्ञापन पूरी तरह वैध है और परीक्षा की प्रक्रिया अपने निर्धारित समय पर ही चलेगी। इस एफआईआर का उद्देश्य केवल भ्रामक सूचनाओं को रोकना और अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करना है।


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