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UP TET 2026: यूपी टीईटी में पहली बार EWS अभ्यर्थियों को मिलेगा आरक्षण का लाभ, जानें नए पासिंग मार्क्स

Sir Ji Ki Pathshala

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा आगामी यूपी-टीईटी (UP-TET) 2026 के लिए जारी नई गाइडलाइंस में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के अभ्यर्थियों को पहली बार आरक्षण का लाभ देने का निर्णय लिया गया है।

UP TET 2026 EWS Reservation News

​यह कदम उन हजारों मेधावी छात्रों के लिए राहत भरा है जो आर्थिक तंगी के कारण प्रतिस्पर्धा में पीछे छूट जाते थे। आइए जानते हैं क्या हैं नए बदलाव और अर्हक अंक (Qualifying Marks):

EWS के लिए अब 82 अंक पर मिलेगी पात्रता

​आयोग द्वारा 20 मार्च को जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब EWS श्रेणी के अभ्यर्थियों को भी अन्य आरक्षित वर्गों (OBC, SC, ST) के समान ही पात्रता अंकों में 5% की छूट प्रदान की गई है।

1. अनारक्षित (General) श्रेणी

  • न्यूनतम प्रतिशत: 60 प्रतिशत
  • न्यूनतम अंक: कुल 150 में से 90 अंक प्राप्त करना अनिवार्य है।

2. आरक्षित एवं EWS श्रेणी

​इस बार पहली बार EWS को भी अन्य आरक्षित वर्गों के समान छूट दी गई है। इसमें निम्नलिखित श्रेणियां शामिल हैं:

  • श्रेणियाँ: ईडब्ल्यूएस (EWS), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अनुसूचित जाति (SC), और अनुसूचित जनजाति (ST)।
  • न्यूनतम प्रतिशत: 55 प्रतिशत
  • न्यूनतम अंक: कुल 150 में से मात्र 82 अंक लाने पर पात्रता प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।

3. अन्य विशेष श्रेणियां

  • श्रेणियाँ: स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित, भूतपूर्व सैनिक एवं दिव्यांग अभ्यर्थी।
  • न्यूनतम प्रतिशत: 55 प्रतिशत
  • न्यूनतम अंक: इन अभ्यर्थियों के लिए भी अर्हक अंक 82 ही निर्धारित हैं।

7 साल बाद खत्म हुआ इंतजार

​केंद्र सरकार ने जनवरी 2019 और यूपी सरकार ने फरवरी 2019 में ही EWS आरक्षण लागू कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद 2021 की यूपी-टीईटी परीक्षा में इस वर्ग को छूट नहीं मिल सकी थी। इस बार शासन की विशेष अनुमति के बाद डॉ. संजय कुमार सिंह (पीआरओ, शिक्षा सेवा चयन आयोग) ने स्पष्ट किया है कि संवैधानिक न्याय और सामाजिक समावेशन को ध्यान में रखते हुए यह प्रावधान लागू किया गया है।

पुनर्मूल्यांकन (Scrutiny) पर आयोग का सख्त रुख

​आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा के बाद ओएमआर (OMR) शीट के पुनर्मूल्यांकन या स्क्रूटनी के किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।

  • ​ओएमआर शीट की स्कैनिंग इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों के माध्यम से अत्यंत सावधानी से की जाती है।
  • ​अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा के समय ही सावधानी बरतें, क्योंकि बाद में किसी भी प्रकार का पत्राचार स्वीकार नहीं होगा।

NCTE की गाइडलाइन का पालन

​राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की 2011 की गाइडलाइन के अनुसार, राज्य सरकारें अपनी मौजूदा आरक्षण नीति के आधार पर आरक्षित श्रेणियों को छूट देने के लिए स्वतंत्र हैं। इसी अधिकार का प्रयोग करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

निष्कर्ष:

यूपी-टीईटी 2026 में EWS आरक्षण का जुड़ना राज्य में समावेशी शिक्षा और रोजगार के समान अवसरों की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे नवीनतम अपडेट के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट देखते रहें।