कोलकाता: आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। आयोग ने पीठासीन अधिकारियों (Presiding Officers), मतदान कर्मियों और मतगणना सहायकों के मानदेय (Honorarium) के ढांचे में बड़ा संशोधन किया है।
यह निर्णय पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों से ठीक पहले लिया गया है। आयोग का मानना है कि इससे चुनाव ड्यूटी के दौरान कठिन परिस्थितियों और लंबे समय तक काम करने वाले कर्मचारियों का उत्साह बढ़ेगा।
मानदेय में कितना हुआ इजाफा?
अधिकारी द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, मानदेय की नई दरें इस प्रकार होंगी:
- पीठासीन अधिकारी (Presiding Officers): इनका दैनिक भत्ता 350 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। पूरी चुनाव प्रक्रिया के दौरान अब इन्हें कुल 2,000 रुपये का मानदेय मिलेगा।
- मतदान अधिकारी व अन्य कर्मी: मतदान अधिकारियों, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों, मतगणना सहायकों और कंट्रोल रूम में तैनात कर्मियों के मानदेय में भी उत्साहजनक वृद्धि की गई है।
- प्रथम व द्वितीय श्रेणी अधिकारी: इन अधिकारियों के लिए 'एकमुश्त पारिश्रमिक' (Lump sum remuneration) की राशि को संशोधित कर बढ़ाया गया है।
पश्चिम बंगाल चुनाव: भाजपा का बड़ा दावा
चुनावों के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज है। भाजपा के वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष सुधार (SIR) के दौरान लगभग 79 लाख फर्जी नाम हटाए गए हैं। साथ ही उन्होंने आगामी चुनावों में भाजपा की 177 सीटों पर जीत का भरोसा जताया है।
अधिकारियों के तबादले पर हाईकोर्ट में सुनवाई
कलकत्ता हाईकोर्ट में निर्वाचन आयोग ने अपनी शक्तियों को लेकर बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। आयोग ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आईएएस (IAS) और आईपीएस (IPS) अधिकारियों का तबादला या तैनाती करना उसके पूर्ण अधिकार क्षेत्र में आता है। कोर्ट एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें आयोग द्वारा किए गए हालिया तबादलों को चुनौती दी गई थी।
भवानीपुर सीट पर बढ़ा सियासी पारा
पश्चिम बंगाल की हाई-प्रोफाइल भवानीपुर सीट, जहाँ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी के बीच कड़ा मुकाबला है, वहां भी विवाद खड़ा हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस सीट के निर्वाचन अधिकारी (RO) को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की है।


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