उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। चयन आयोग ने प्रमाण पत्रों के वितरण और उनकी वैधता को लेकर बड़े बदलाव किए हैं, जिससे लाखों उम्मीदवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
पहली बार डिजिटल माध्यम से मिलेंगे प्रमाणपत्र
अब अभ्यर्थियों को अपने टीईटी प्रमाणपत्र के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। चयन आयोग ने निर्णय लिया है कि पहली बार UP-TET का प्रमाणपत्र इलेक्ट्रॉनिक माध्यम (DigiLocker) के जरिए उपलब्ध कराया जाएगा। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि प्रमाणपत्र के खोने या फटने का डर भी खत्म हो जाएगा।
आजीवन रहेगी मान्यता
एक और राहत भरी खबर यह है कि यूपीटीईटी के प्रमाणपत्र अब परिणाम जारी होने की तिथि से आजीवन (Lifetime) मान्य होंगे। पहले इसकी एक निश्चित समय सीमा होती थी, जिसे अब खत्म कर दिया गया है। एक बार परीक्षा पास करने के बाद अभ्यर्थी हमेशा के लिए पात्र माना जाएगा।
संशोधन की कोई गुंजाइश नहीं
आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रमाणपत्र में अभ्यर्थी की फोटो, जाति वर्ग (Category), विशेष आरक्षण श्रेणी (Special Reservation) आदि विवरणों में किसी भी प्रकार का बदलाव या संशोधन संभव नहीं होगा।
सावधानी जरूरी: आयोग ने अभ्यर्थियों को सख्त सलाह दी है कि आवेदन पत्र भरते समय पूरी सतर्कता बरतें। यदि आवेदन में कोई त्रुटि होती है, तो उसे बाद में सुधारा नहीं जा सकेगा और वही गलत जानकारी आपके डिजिटल सर्टिफिकेट पर अंकित होकर आएगी।
नोट: अधिक जानकारी और भविष्य के अपडेट्स के लिए आधिकारिक वेबसाइट या Sir Ji Ki Pathshala पोर्टल पर नज़र बनाए रखें।


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