लखनऊ | 23 मार्च 2026
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को लोकभवन में आयोजित कैबिनेट बैठक राज्य के भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित हुई है। इस बैठक में कुल 39 प्रस्ताव पेश किए गए थे, जिनमें से 37 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाकर सरकार ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी हैं। इन निर्णयों में किसानों की खुशहाली, सस्ती बिजली, सोलर एनर्जी और शहरों के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया गया है।
🌾 किसानों के लिए बड़ी घोषणा: गेहूं का नया MSP
कैबिनेट ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं की खरीद नीति को मंजूरी दी है।
- नया मूल्य: इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2585 प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में ₹160 अधिक है।
- अतिरिक्त लाभ: किसानों को प्रति क्विंटल ₹20 का अतिरिक्त भुगतान उतराई और सफाई के लिए मिलेगा।
- खरीद का लक्ष्य: प्रदेश भर में 6500 क्रय केंद्रों के माध्यम से लगभग 50 लाख टन गेहूं खरीद का अनुमान है। यह प्रक्रिया 30 मार्च से 15 जून 2026 तक सक्रिय रहेगी।
⚡ ऊर्जा क्रांति: बिजली होगी सस्ती और गोरखपुर बनेगा 'सोलर सिटी'
ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए सरकार ने दो बड़े रणनीतिक निर्णय लिए हैं:
- सस्ती बिजली का मार्ग: घाटमपुर पावर प्लांट (660 MW की तीन यूनिट) के लिए झारखंड की पछवारा कोल माइन विकसित करने हेतु ₹2242.90 करोड़ मंजूर किए गए हैं। इस खदान से कोयला मिलने पर बिजली की लागत में 80 पैसे प्रति यूनिट की कमी आने की उम्मीद है।
- सोलर सिटी गोरखपुर: अयोध्या के सफल मॉडल के बाद अब गोरखपुर को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। चिलुआताल में 20 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर प्लांट लगाया जाएगा, जिसे कोल इंडिया लिमिटेड स्थापित करेगी।
🏙️ शहरी विकास: 'नवयुग नगर पालिका योजना' का आगाज
प्रदेश के 17 नगर निगमों को स्मार्ट बनाने के बाद अब सरकार छोटे शहरों की ओर बढ़ रही है।
- स्मार्ट नगर पालिकाएं: 58 जिला मुख्यालय वाले नगरों (55 नगर पालिका और 3 नगर पंचायत) को स्मार्ट सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
- सुविधाएं: इन शहरों में डिजिटल लाइब्रेरी, थीम पार्क, अत्याधुनिक जल निकासी और 'वन डे गवर्नेंस सेंटर' बनाए जाएंगे। इस योजना के लिए 5 साल का रोडमैप और ₹145 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है।
🏗️ औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर
उत्तर प्रदेश को $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में औद्योगिक प्रस्तावों को गति दी गई है:
- निजी बिजनेस पार्क: सेवा क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए निजी बिजनेस पार्क विकास योजना को मंजूरी दी गई।
- मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क: ग्रेटर नोएडा के बुढ़ाकी में 174.12 एकड़ भूमि पर लॉजिस्टिक पार्क विकसित होगा, जो पूर्वी और पश्चिमी गलियारों का जंक्शन बनेगा।
- औद्योगिक शेड: MSME क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए PPP मॉडल पर औद्योगिक शेड बनाए जाएंगे, जिससे छोटे उद्यमियों को तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर मिल सकेगा।


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