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शिक्षा प्रेरकों के लिए बड़ी खबर: बकाया मानदेय भुगतान की प्रक्रिया शुरू, विभाग ने 15 दिन में मांगा विवरण

Sir Ji Ki Pathshala

SIR JI KI PATHSHALA 

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के हजारों शिक्षा प्रेरकों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर सामने आई है। 'साक्षर भारत मिशन' के तहत कार्य कर चुके शिक्षा प्रेरकों के लंबे समय से लंबित बकाया मानदेय (Outstanding Honorarium) के भुगतान की दिशा में विभाग ने बड़ा कदम उठाया है।

​निदेशालय, साक्षरता एवं वैकल्पिक शिक्षा, उत्तर प्रदेश ने प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को पत्र जारी कर शिक्षा प्रेरकों के विवरण का सत्यापन करने का निर्देश दिया है।

क्या है पूरा मामला?

​भारत सरकार द्वारा संचालित 'साक्षर भारत मिशन' कार्यक्रम 31 मार्च 2018 तक प्रभावी था। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश भर में लाखों शिक्षा प्रेरकों ने अपनी सेवाएँ दी थीं, लेकिन वित्तीय वर्ष 2017-18 के दौरान बजट की कमी या अन्य कारणों से कई प्रेरकों का मानदेय बकाया रह गया था।

​अब निदेशालय ने वित्तीय वर्ष 2017-18 की ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर बकाया देनदारियों (Liabilities) का निस्तारण करने का निर्णय लिया है।

इन जिलों के शिक्षा प्रेरकों को मिलेगा लाभ

​जारी किए गए सरकारी आदेश के अनुसार, कुशीनगर, महराजगंज, बस्ती, संत कबीर नगर, कौशाम्बी सहित उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जिलों (जैसे- आगरा, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ, अयोध्या आदि) के शिक्षा प्रेरकों का डेटा मांगा गया है।

📋 सत्यापन के मुख्य नियम:

  • 15 दिनों की समय सीमा: सभी BSA को निर्देशित किया गया है कि वे 15 दिनों के भीतर शिक्षा प्रेरकों का सत्यापित विवरण निदेशालय को उपलब्ध कराएं।
  • सत्यापन का आधार: भुगतान उन्हीं शिक्षा प्रेरकों को किया जाएगा जिनका नाम 2017-18 की ऑडिट रिपोर्ट में 'लायबिलिटी' (बकाया) के रूप में दर्ज है।
  • BEO की भूमिका: संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) के माध्यम से विवरण को सत्यापित कराकर निर्धारित प्रारूप पर कार्यालय में जमा करना होगा।

शिक्षा प्रेरक क्या करें?

​यदि आप भी एक शिक्षा प्रेरक रहे हैं और आपका 2017-18 का मानदेय बकाया है, तो निम्नलिखित कदम उठाएं:

  1. ​अपने ब्लॉक संसाधन केंद्र (BRC) या खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से तुरंत संपर्क करें।
  2. ​सुनिश्चित करें कि आपका नाम संबंधित जिले की ऑडिट रिपोर्ट वाली सूची में शामिल है।
  3. ​विभाग द्वारा मांगे गए आवश्यक दस्तावेज और बैंक विवरण समय पर अपडेट कराएं।
महत्वपूर्ण सूचना: यह प्रक्रिया केवल उन शिक्षा प्रेरकों के लिए है जिनका मानदेय ऑडिट रिपोर्ट में बकाया (Liability) के रूप में दिखाया गया है।

    निष्कर्ष (Conclusion)

    ​उत्तर प्रदेश के शिक्षा प्रेरकों का संघर्ष अब रंग लाता दिख रहा है। बकाया मानदेय का मिलना उन हजारों परिवारों के लिए बड़ी आर्थिक मदद होगी जो पिछले 8 सालों से इसका इंतजार कर रहे थे। सर जी की पाठशाला (Sir Ji Ki Pathshala) आपको इस मामले से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट देता रहेगा।

    Shiksha Prerak Bakaya Mandey 2026