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अब माध्यमिक विद्यालयों में भी चलेगा स्कूल चलो अभियान, कक्षा 8 के बाद ड्रॉपआउट छात्रों पर विशेष फोकस

Sir Ji Ki Pathshala

लखनऊ: प्रदेश में नए शैक्षिक सत्र 2026-27 को लेकर शिक्षा विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए माध्यमिक विद्यालयों (कक्षा 9 से 12) में भी स्कूल चलो अभियान चलाने का फैसला किया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य कक्षा 8 के बाद पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों को दोबारा स्कूल से जोड़ना है।

स्कूल चलो अभियान 2026 माध्यमिक विद्यालयों में भी शुरू, कक्षा 8 के बाद ड्रॉपआउट छात्रों पर फोकस

1 अप्रैल से शुरू होगा अभियान

शिक्षा विभाग के अनुसार, हर वर्ष की तरह इस बार भी 1 अप्रैल से नए सत्र के साथ “स्कूल चलो अभियान” की शुरुआत की जाएगी। पहले यह अभियान मुख्य रूप से बेसिक शिक्षा (कक्षा 1 से 8) तक सीमित था, लेकिन अब इसे माध्यमिक स्तर तक बढ़ा दिया गया है ताकि अधिक से अधिक बच्चों को शिक्षा से जोड़ा जा सके।

कक्षा 8 के बाद 21% छात्र छोड़ देते हैं पढ़ाई

विभागीय आंकड़ों के अनुसार, कक्षा 8 पास करने के बाद लगभग 21 प्रतिशत छात्र पढ़ाई छोड़ देते हैं। यही कारण है कि इस वर्ष अभियान के दौरान ऐसे छात्रों की पहचान कर उन्हें दोबारा विद्यालय में नामांकन के लिए प्रेरित किया जाएगा।

नामांकन बढ़ाने का लक्ष्य

प्रदेश में वर्तमान समय में कक्षा 9 से 12 तक लगभग 1.07 करोड़ छात्रों का नामांकन है। शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि कक्षा 8 पास करने वाले अधिक से अधिक छात्रों का कक्षा 9 में प्रवेश सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा जहां नामांकन दर कम है।

अधिकारियों को दिए गए निर्देश

शिक्षा विभाग ने जिला स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे ड्रॉपआउट छात्रों की पहचान करें और उन्हें विद्यालय वापस लाने के लिए प्रेरित करें। इसके साथ ही समुदाय, अभिभावकों और शिक्षकों की भागीदारी से अभियान को सफल बनाने की योजना बनाई गई है।

सामुदायिक भागीदारी पर जोर

अभियान की सफलता के लिए ग्राम पंचायत, अभिभावकों और स्थानीय समुदाय की भागीदारी को भी बढ़ाया जाएगा। जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

माध्यमिक विद्यालयों में स्कूल चलो अभियान लागू होने से उम्मीद है कि कक्षा 8 के बाद पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों की संख्या कम होगी और अधिक बच्चे उच्च कक्षाओं तक शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।



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