उत्तर प्रदेश सरकार ने शैक्षिक सत्र 2026–27 के लिए “स्कूल चलो अभियान” को प्रभावी ढंग से संचालित करने के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा सभी जिलाधिकारियों, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों तथा संबंधित विभागों को आदेश जारी कर दिए गए हैं।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य 6 से 14 वर्ष तक के सभी बच्चों को नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा से जोड़ना तथा जो बच्चे किसी कारणवश विद्यालय से बाहर हैं उन्हें पुनः स्कूल में नामांकित करना है।
स्कूल चलो अभियान का उद्देश्य
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। पिछले वर्षों में “स्कूल चलो अभियान” के माध्यम से शिक्षा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ी है, लेकिन अभी भी कुछ बच्चे विभिन्न कारणों से विद्यालय से बाहर हैं।
विशेष रूप से निम्न वर्ग के बच्चों पर ध्यान दिया जाएगा:
- आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे
- बालिकाएं
- दिव्यांग या विशेष आवश्यकता वाले बच्चे
- प्रवासी परिवारों के बच्चे
- दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले बच्चे
इन सभी बच्चों की पहचान कर उनका विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा।
अभियान के प्रमुख लक्ष्य
सरकार द्वारा इस अभियान के तहत कुछ महत्वपूर्ण लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं:
- 3 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले बच्चों का आंगनबाड़ी/बालवाटिका में नामांकन
- 6 वर्ष के सभी बच्चों का कक्षा-1 में 100% प्रवेश
- 7 से 14 वर्ष के सभी आउट ऑफ स्कूल बच्चों की पहचान और नामांकन
- विद्यार्थियों का अगली कक्षा में 100% ट्रांजिशन सुनिश्चित करना
इन कक्षाओं में 100% प्रवेश सुनिश्चित किया जाएगा
सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि छात्रों को अगली कक्षा में प्रवेश दिलाने की प्रक्रिया पूरी तरह सुनिश्चित की जाए:
- आंगनबाड़ी/बालवाटिका से कक्षा 1 में 100% प्रवेश
- कक्षा 5 से कक्षा 6 में 100% प्रवेश
- कक्षा 8 से कक्षा 9 में 100% प्रवेश
- कक्षा 10 से कक्षा 11 में 100% प्रवेश
इसके लिए संबंधित विद्यालयों और शिक्षकों को छात्रों की सूची उपलब्ध कराई जाएगी और नामांकन की निगरानी की जाएगी।
अभियान दो चरणों में चलाया जाएगा
सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार “स्कूल चलो अभियान” दो चरणों में आयोजित किया जाएगा:
पहला चरण:
1 अप्रैल 2026 से 15 अप्रैल 2026 तक
दूसरा चरण:
1 जुलाई 2026 से 15 जुलाई 2026 तक
इन चरणों में जन-जागरूकता अभियान, रैली, सर्वे तथा नामांकन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
अधिकारियों और शिक्षकों को दिए गए निर्देश
अभियान को सफल बनाने के लिए प्रशासन और शिक्षा विभाग को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं:
- अभियान शुरू होने से पहले जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की जाएगी।
- शिक्षक अपने विद्यालय के कैचमेंट एरिया का सर्वे करेंगे।
- विद्यालय से बाहर बच्चों की पहचान कर उन्हें प्रवेश दिलाया जाएगा।
- अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा के लिए प्रेरित और जागरूक किया जाएगा।
- स्कूलों में बच्चों के लिए स्वच्छ और आकर्षक वातावरण तैयार किया जाएगा।
बालिकाओं की शिक्षा पर विशेष जोर
सरकार ने निर्देश दिया है कि बालिकाओं की शिक्षा को विशेष प्राथमिकता दी जाए। कई बार सामाजिक या पारिवारिक कारणों से बालिकाएं विद्यालय नहीं जा पातीं, इसलिए उनके नामांकन के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
इसके साथ ही कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में भी बालिकाओं के प्रवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा।
दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष व्यवस्था
दिव्यांग और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने विशेष निर्देश दिए हैं।
- ऐसे बच्चों की पहचान कर विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जाएगा।
- आवश्यक शिक्षण सामग्री और उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
- स्वास्थ्य परीक्षण और अभिभावकों की काउंसलिंग भी की जाएगी।
समाज और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी
“स्कूल चलो अभियान” को सफल बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों को जोड़ा जाएगा।
- सांसद और विधायक
- जिला पंचायत सदस्य
- ग्राम प्रधान और ब्लॉक प्रमुख
- स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (SMC)
- स्वयंसेवी संगठन
इन सभी की सक्रिय भागीदारी से अभियान को जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा।
अभियान के लिए बजट की व्यवस्था
राज्य सरकार ने अभियान के सफल संचालन के लिए विशेष बजट भी निर्धारित किया है:
- प्रत्येक जनपद को ₹5 लाख
- प्रत्येक ब्लॉक को ₹10 हजार
- प्रत्येक विद्यालय को ₹2,500
यह धनराशि रैली, पोस्टर, जन-जागरूकता कार्यक्रम और अन्य गतिविधियों के आयोजन में खर्च की जाएगी।
31 मार्च तक पूरी करनी होंगी तैयारियां
सरकार ने निर्देश दिया है कि 31 मार्च 2026 तक सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं, ताकि नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत के साथ ही अभियान प्रभावी ढंग से शुरू किया जा सके।
अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से अभियान की प्रगति की निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
“स्कूल चलो अभियान” प्रदेश में शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस अभियान के माध्यम से सरकार का उद्देश्य हर बच्चे को स्कूल से जोड़ना और शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाना है। यदि सभी विभाग और समाज मिलकर प्रयास करें तो निश्चित रूप से यह अभियान सफल होगा और प्रदेश में शिक्षा का स्तर और मजबूत होगा।






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