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उत्तर प्रदेश के 32,480 विद्यालय बने 'निपुण', 25 मार्च तक प्रत्येक जिले में मनाया जाएगा 'निपुण सम्मान दिवस'

Sir Ji Ki Pathshala

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बुनियादी शिक्षा की नींव मजबूत करने के लिए संचालित 'निपुण भारत मिशन' के अंतर्गत राज्य ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। हाल ही में डी.एल.एड. प्रशिक्षुओं के माध्यम से कराए गए प्रदेशव्यापी आकलन के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं, जिसमें प्रथम दृष्टया कुल 32,480 विद्यालय 'निपुण विद्यालय' के रूप में उभरकर आए हैं। इस सफलता को उत्सव के रूप में मनाने के लिए शासन ने 25 मार्च, 2026 तक सभी जनपदों में 'निपुण सम्मान समारोह' आयोजित करने का निर्देश दिया है।

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​शिक्षकों का होगा भव्य सम्मान

​अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा, श्री पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, निपुण लक्ष्यों को प्राप्त करने वाले विद्यालयों के शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए जिला स्तर पर भव्य समारोह आयोजित किए जाएंगे।

  • प्रशंसा पत्र: निपुण विद्यालय घोषित संस्थानों के शिक्षकों को जिलाधिकारी या मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से प्रशंसा पत्र प्रदान किया जाएगा।

  • लोगो पेंटिंग: इन विद्यालयों की सकारात्मक छवि जनमानस में अंकित करने के लिए विद्यालय परिसर में 'निपुण विद्यालय' का विशेष लोगो पेंट किया जाएगा।

  • बजट का प्रावधान: समारोह के आयोजन हेतु प्रति जनपद ₹50,000 की दर से कुल ₹37.50 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है।

NBMC पोर्टल पर डिजिटल रिपोर्ट कार्ड उपलब्ध

​कक्षा 1 और 2 के विद्यार्थियों के आकलन का विद्यालयवार परिणाम निपुण भारत मॉनिटरिंग सेंटर (NBMC) पोर्टल पर प्रदर्शित कर दिया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और प्रधानाध्यापक अपने लॉगिन के माध्यम से रिपोर्ट कार्ड डाउनलोड कर छात्र-छात्राओं की प्रगति का विश्लेषण कर सकेंगे।

भविष्य की कार्ययोजना: गुणवत्ता और जवाबदेही

​परिणामों की घोषणा के साथ ही आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए भी कड़े निर्देश जारी किए गए हैं:

  1. नियमित ट्रैकिंग: छात्रों की प्रगति को रचनात्मक मूल्यांकन के माध्यम से निरंतर ट्रैक किया जाएगा और कक्षा-शिक्षण के समय 'तालिका' को अपडेट रखा जाएगा।
  2. आधुनिक शिक्षण सामग्री: वर्कबुक, किट्स, टी.एल.एम. (TLM) और प्रिंट-रिच सामग्री के प्रभावी प्रयोग से बच्चों में जिज्ञासा आधारित वातावरण तैयार किया जाएगा।
  3. अभिभावक सहभागिता: एस.एम.सी. (SMC) और अभिभावकों के साथ बैठक कर बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और 'दीक्षा' एवं 'रीड एलांग' ऐप के प्रयोग के लिए प्रेरित किया जाएगा।
  4. सहयोगात्मक पर्यवेक्षण: ए.आर.पी., एस.आर.जी. और डाइट मेंटर्स विद्यालय की प्रगति का विश्लेषण करेंगे और शिक्षकों के साथ मिलकर प्रभावी कार्ययोजना बनाएंगे।
इस गौरवशाली उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश 'निपुण प्रदेश' बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। 25 मार्च तक आयोजित होने वाले सम्मान समारोहों में स्थानीय सांसदों और विधायकों को भी आमंत्रित किया जाएगा, जिससे समुदाय में शिक्षा के प्रति एक नया उत्साह पैदा हो सके।

आदेश की PDF डाउनलोड करें

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