झाँसी। उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों के बीच अक्सर यह भ्रम रहता है कि क्या वे एक ही शैक्षणिक सत्र में दो अलग-अलग डिग्री कोर्स एक साथ कर सकते हैं या नहीं। इस महत्वपूर्ण विषय पर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झाँसी ने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में स्थिति स्पष्ट की है।
विश्वविद्यालय द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, दो कोर्स एक साथ करने के नियमों को लेकर निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदु सामने आए हैं:
एक साथ दो नियमित (Regular) कोर्स पर रोक
विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि किसी भी छात्र के लिए एक ही शैक्षणिक सत्र में दो नियमित (Institutional/Regular) पाठ्यक्रम एक साथ किए जाने का कोई प्रावधान नहीं है। यदि कोई छात्र ऐसा करता है, तो उसकी डिग्रियां अमान्य घोषित की जा सकती हैं।
'नियमित + दूरस्थ शिक्षा' का विकल्प मान्य
नियमों में ढील देते हुए विश्वविद्यालय ने यह स्पष्ट किया है कि एक छात्र एक सत्र में एक पाठ्यक्रम संस्थागत (Regular) रूप में और दूसरा पाठ्यक्रम दूरस्थ शिक्षा (Distance Education) के माध्यम से कर सकता है। यह उन छात्रों के लिए एक बड़ी राहत है जो अपनी शैक्षणिक योग्यता को कम समय में बढ़ाना चाहते हैं।
विभाग का आधिकारिक रुख
यह जानकारी विश्वविद्यालय के जनसूचना अधिकारी द्वारा एक आरटीआई के जवाब में दी गई है। पत्र संख्या बु.वि./ज.सू./568 दिनांक 02/03/2026 के माध्यम से उपकुलसचिव ने स्पष्ट किया कि नियमों का पालन न करने पर छात्रों को भविष्य में दस्तावेज़ सत्यापन (Verification) के दौरान समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
छात्रों के लिए 'सरजी की पाठशाला की' सलाह: यदि आप दो कोर्स एक साथ करने की योजना बना रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि उनमें से कम से कम एक कोर्स 'डिस्टेंस मोड' या 'पत्राचार' के माध्यम से हो, ताकि आपकी डिग्री की वैधता पर कोई सवाल न उठे।


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