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प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों में अब नहीं मिलेंगे अंक, बदलेगा प्रगति पत्र का स्वरूप

Sir Ji Ki Pathshala

प्रयागराज समेत पूरे उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अब विद्यार्थियों के वार्षिक प्रगति पत्र (Report Card) में पारंपरिक अंक (Marks) नहीं दिए जाएंगे। इसके स्थान पर छात्रों के समग्र विकास का मूल्यांकन किया जाएगा, जो नई शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के अनुरूप है।

अब अंक नहीं, समग्र विकास पर होगा फोकस

नई व्यवस्था के तहत छात्रों को केवल पढ़ाई के आधार पर नहीं, बल्कि उनके संपूर्ण व्यक्तित्व (Holistic Development) के आधार पर आंका जाएगा। इसमें विषय ज्ञान, संज्ञानात्मक विकास, व्यवहार एवं जीवन कौशल, कला एवं अन्य रुचियां, मासिक उपस्थिति और शिक्षक की टिप्पणी शामिल होगी। इससे छात्रों पर अंक लाने का दबाव कम होगा और वे अपनी रुचियों के अनुसार बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।

Primary School Progress Report Without Marks

चार पृष्ठों का होगा नया प्रगति पत्र

बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा तैयार किया गया नया प्रगति पत्र चार पृष्ठों का होगा, जिसमें विद्यार्थियों से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी शामिल की जाएगी। पहले पृष्ठ पर छात्र की सामान्य जानकारी और स्वास्थ्य विवरण जैसे ऊंचाई, वजन और ब्लड ग्रुप होंगे। दूसरे पृष्ठ पर शैक्षणिक प्रदर्शन और विषय आधारित मूल्यांकन दिया जाएगा। तीसरे और चौथे पृष्ठ पर सौंदर्यबोध एवं शारीरिक विकास, पसंदीदा गतिविधियां और शिक्षक व अभिभावक की टिप्पणियां शामिल होंगी।

बाल वाटिका के बच्चों को भी मिलेगा नया प्रगति पत्र

बेसिक शिक्षा विभाग की बाल वाटिकाओं में पढ़ने वाले बच्चों को भी इसी प्रारूप में प्रगति पत्र दिया जाएगा। इससे छोटे बच्चों के शुरुआती विकास को सही दिशा में समझने में मदद मिलेगी।

सितंबर और मार्च दोनों परीक्षाओं का होगा आकलन

नए प्रगति पत्र में केवल वार्षिक परीक्षा ही नहीं, बल्कि सितंबर और मार्च दोनों परीक्षाओं का विवरण शामिल किया जाएगा। इससे पूरे साल के प्रदर्शन का बेहतर विश्लेषण संभव होगा। इसी आधार पर नए सत्र में कमजोर छात्रों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं (Remedial Classes) भी चलाई जाएंगी।

कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों के लिए खास बदलाव

छठी से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों के प्रगति पत्र में स्व-आकलन (Self Assessment) को भी शामिल किया गया है, जिससे छात्र खुद अपने प्रदर्शन का मूल्यांकन कर पाएंगे और उनमें आत्मचिंतन व सुधार की भावना विकसित होगी।

क्यों अहम है यह बदलाव?

यह नया प्रगति पत्र छात्रों को केवल परीक्षा के अंक तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उनके व्यक्तित्व, व्यवहार और कौशल विकास को भी महत्व देता है। इससे शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा पास करना नहीं, बल्कि एक बेहतर इंसान बनाना होगा।

✍️ निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश के विद्यालयों में लागू किया जा रहा यह नया प्रगति पत्र सिस्टम शिक्षा में एक सकारात्मक और दूरगामी बदलाव है। यह न केवल छात्रों के मानसिक दबाव को कम करेगा, बल्कि उन्हें उनकी वास्तविक क्षमता पहचानने और विकसित करने का अवसर भी देगा।

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