लखनऊ: उत्तर प्रदेश में नए शैक्षिक सत्र को लेकर शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने स्पष्ट किया है कि जन्म प्रमाणपत्र या आधार कार्ड जैसे दस्तावेजों के अभाव में किसी भी बच्चे का स्कूल में दाखिला नहीं रोका जाएगा। अभिभावकों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर भी प्रवेश की अनुमति दी जाएगी ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रह जाए।
दो चरणों में चलेगा स्कूल चलो अभियान
राज्य में नए शैक्षिक सत्र के साथ स्कूल चलो अभियान दो चरणों में संचालित किया जाएगा। पहला चरण 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक और दूसरा चरण 1 जुलाई से 15 जुलाई तक चलेगा। अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना और ड्रॉपआउट बच्चों को फिर से शिक्षा से जोड़ना है।
माध्यमिक विद्यालयों तक बढ़ाया गया अभियान
इस बार सरकार ने स्कूल चलो अभियान को और व्यापक बनाते हुए इसे माध्यमिक विद्यालयों तक भी लागू करने का निर्णय लिया है। पहले यह अभियान मुख्य रूप से बेसिक शिक्षा तक सीमित था, लेकिन अब कक्षा 9 और उससे ऊपर के विद्यार्थियों को भी इससे जोड़ा जाएगा।
ड्रॉपआउट कम करने पर विशेष फोकस
शिक्षा विभाग के अनुसार कक्षा 8 के बाद बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई छोड़ देते हैं। वर्तमान में कक्षा 8 के बाद लगभग 21 प्रतिशत छात्र पढ़ाई छोड़ देते हैं। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार ने विशेष रूप से कक्षा 8 से 9 में प्रवेश बढ़ाने पर जोर दिया है।
अधिकारियों को दी गई जिम्मेदारी
अभियान को सफल बनाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षामित्र, शिक्षक, बीएसए और अन्य अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में बैठकें कर रणनीति तैयार की जाएगी और नामांकन बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
विद्यालयों को आकर्षक बनाने के निर्देश
मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि नए सत्र से पहले विद्यालयों को साफ-सुथरा और आकर्षक बनाया जाए। पहले दिन बच्चों का स्वागत किया जाए और बालिकाओं, दिव्यांग तथा दूरदराज क्षेत्रों के बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाए।
सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और सभी को विद्यालय से जोड़ा जाए।


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