Type Here to Get Search Results !
विज्ञापन लोड हो रहा है...

महाराष्ट्र में शिक्षकों के प्रमोशन पर बड़ा फैसला: अब TET पास करना हुआ अनिवार्य

Sir Ji Ki Pathshala

Latest TET News: महाराष्ट्र में शिक्षकों के प्रमोशन पर बड़ा फैसला: पदोन्नति के लिए अब TET पास करना हुआ अनिवार्य

महाराष्ट्र सरकार ने शिक्षकों की पदोन्नति (Promotion) को लेकर लंबे समय से चल रही असमंजस की स्थिति को समाप्त कर दिया है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी नए और स्पष्ट नोटिफिकेशन के अनुसार अब राज्य के सरकारी और अनुदानित स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को प्रमोशन पाने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करना अनिवार्य होगा।

Latest News : महाराष्ट्र सरकार ने शिक्षक प्रमोशन के लिए TET अनिवार्य किया – बड़ा फैसला

इस फैसले का सीधा असर हजारों शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया पर पड़ेगा। विभाग ने साफ कर दिया है कि केवल वरिष्ठता (Seniority) के आधार पर अब प्रमोशन नहीं दिया जाएगा। जब तक शिक्षक TET पास नहीं करेगा, तब तक वह पदोन्नति का हकदार नहीं माना जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप निर्णय

यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के अनुरूप लिया गया है, जिसमें कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले सभी शिक्षकों—चाहे वे पहले से सेवा में हों या नए नियुक्त—के लिए TET को अनिवार्य बताया गया है। राज्य सरकार ने इसी आदेश का पालन करते हुए यह सख्त कदम उठाया है।

रिटायरमेंट के आधार पर अलग-अलग नियम

सरकार ने शिक्षकों को दो श्रेणियों में बांटकर नियम स्पष्ट किए हैं।

  • जिन शिक्षकों के रिटायरमेंट में 5 साल से कम समय बचा है, उनकी नौकरी सुरक्षित रहेगी, लेकिन वे तब तक प्रमोशन नहीं पा सकेंगे जब तक TET परीक्षा पास नहीं कर लेते।
  • जिन शिक्षकों के रिटायरमेंट में 5 साल से अधिक समय शेष है, उन्हें TET पास करने के लिए नवंबर 2027 तक की अंतिम मोहलत दी गई है। इस समय सीमा के भीतर परीक्षा पास करने पर ही वे भविष्य में नौकरी सहित प्रमोशन के पात्र होंगे।

अंडरटेकिंग का विकल्प हुआ खत्म

कई शिक्षक यह उम्मीद लगाए बैठे थे कि वे अंडरटेकिंग (शपथ पत्र) देकर प्रमोशन ले सकेंगे और बाद में TET पास कर लेंगे। लेकिन शिक्षा विभाग ने इस विकल्प को पूरी तरह खारिज कर दिया है। अब विभाग का स्पष्ट नियम है—“पहले TET पास, फिर प्रमोशन”

शिक्षकों पर पड़ेगा व्यापक असर

‘हिंदुस्तान’ अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, प्राथमिक शिक्षा निदेशक द्वारा जारी इस स्पष्टीकरण से राज्य में पदोन्नति की प्रक्रिया, वरिष्ठता सूची और प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा। आने वाले समय में कई शिक्षकों की प्रमोशन योजनाएं टल सकती हैं, वहीं TET परीक्षा का महत्व और बढ़ जाएगा।

यह फैसला जहां शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, वहीं शिक्षकों के लिए यह एक चुनौती भी साबित होगा।

Tags

Top Post Ad

Bottom Post Ad