मऊ। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, मऊ द्वारा सौर घर योजना के अंतर्गत शिक्षकों के घरों पर सोलर पैनल लगाए जाने को लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि प्रत्येक शिक्षक के घर पर सोलर लगाए जाने की शत-प्रतिशत पुष्टि सुनिश्चित की जाए, अन्यथा इसे उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना माना जाएगा।
पत्र के अनुसार, मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर यह योजना लागू की गई है, लेकिन अब तक खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा सभी शिक्षकों के घरों पर सोलर लगाए जाने से संबंधित प्रमाण पत्र/सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए पुनः निर्देश जारी किए गए हैं।
व्यक्तिगत संपर्क कर प्रमाण उपलब्ध कराने के निर्देश
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने शिक्षा क्षेत्रों के सभी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर सोलर लगाए जाने का प्रमाण प्राप्त करें। यह प्रमाण संबंधित अधिकारी को उपलब्ध कराने के बाद ही मानव संपदा पोर्टल पर शिक्षकों के वेतन की उपस्थिति लॉक की जाएगी।
वेतन आहरण से जोड़ा गया अनुपालन
आदेश में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि सोलर पैनल लगाए जाने से संबंधित सूचना व प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराए गए, तो संबंधित शिक्षकों का वेतन आहरण प्रभावित किया जा सकता है। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे स्वयं हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र के साथ शत-प्रतिशत सोलर स्थापना की सूचना प्रस्तुत करें।
सोलर एजेंसियों का विवरण संलग्न
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने अधिक जानकारी के लिए सोलर एजेंसियों का विवरण भी संलग्न किया है, ताकि शिक्षकों को सोलर पैनल लगवाने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
प्रशासन का सख्त रुख
प्रशासन का मानना है कि सौर ऊर्जा के उपयोग से न केवल ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि सरकार की हरित ऊर्जा नीति को भी मजबूती मिलेगी। ऐसे में योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।


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