लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत सभी अधिकारियों, शिक्षकों एवं शिक्षणेतर कर्मचारियों के लिए मानव संपदा पोर्टल पर चल एवं अचल संपत्ति का विवरण प्रस्तुत करना अनिवार्य कर दिया गया है। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय, समग्र शिक्षा द्वारा इस संबंध में विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं।
जारी आदेश के अनुसार, संबंधित कार्मिकों को अपनी चल–अचल संपत्ति का विवरण 31 जनवरी 2026 तक मानव संपदा पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करना होगा। शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि जो कर्मचारी निर्धारित तिथि तक संपत्ति विवरण अपलोड नहीं करेंगे, उनका जनवरी 2026 का वेतन फरवरी 2026 में रोका जा सकता है।
यह निर्देश उत्तर प्रदेश शासन के 06 जनवरी 2026 को जारी शासनादेश के अनुपालन में जारी किए गए हैं। शासनादेश में कहा गया है कि नियमों के अनुसार जिन कार्मिकों द्वारा समय पर संपत्ति विवरण पोर्टल पर दर्ज नहीं किया जाएगा, उनके वेतन भुगतान की कार्यवाही संबंधित नियंत्रक अधिकारी/आहरण एवं वितरण अधिकारी द्वारा नहीं की जाएगी।
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा ने सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने अधीनस्थ कार्मिकों द्वारा संपत्ति विवरण अपलोड कराने की प्रक्रिया का नियमित अनुश्रवण करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह प्रक्रिया केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि सेवा नियमों के अंतर्गत अनिवार्य दायित्व है। समयसीमा का पालन न करने पर आर्थिक दंड के रूप में वेतन बाधित होने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
मानव संपदा पोर्टल पर चल–अचल संपत्ति का विवरण अपलोड करना अब सभी शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए अनिवार्य और वेतन से जुड़ा विषय बन गया है। ऐसे में संबंधित कार्मिकों को सलाह दी गई है कि वे 31 जनवरी 2026 से पहले अपनी जानकारी पोर्टल पर अपडेट कर लें, ताकि किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या आर्थिक समस्या से बचा जा सके।









Social Plugin