नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में शनिवार को प्रदूषण में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई और औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 431 तक पहुंच गया। इसके मद्देनजर इस सीजन में पहली बार ग्रैप-4 (ग्रैडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) की पाबंदियां लागू कर दी गई हैं। इसके तहत निर्माण कार्यों पर रोक, स्कूलों में हाइब्रिड मोड में कक्षाएं चलाने और राज्य सरकार के आधे कर्मचारियों को घर से काम की व्यवस्था जैसे कई अहम प्रावधान शामिल हैं।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के अनुसार, शनिवार सुबह नौ बजे दिल्ली का एक्यूआई 401 अंक दर्ज किया गया, जिसे गंभीर श्रेणी में रखा जाता है। इस स्थिति को देखते हुए ग्रैप समिति ने तत्काल ग्रैप-3 की पाबंदियां लागू कीं। हालांकि, दिन चढ़ने के साथ प्रदूषण और बढ़ता गया। शाम चार बजे एक्यूआई 431 दर्ज किया गया और शाम छह बजे यह 441 तक पहुंच गया।
आयोग के अनुसार, प्रदूषण का स्तर अब सीवियर प्लस श्रेणी की ओर बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए ग्रैप-4 लागू करने का निर्णय लिया गया। वहीं, नोएडा में चार वर्ष बाद एक्यूआई 450 के पार दर्ज किया गया, जिससे स्थिति और चिंताजनक हो गई है।
ग्रैप-4 के तहत लागू प्रमुख पाबंदियां
● बीएस-4 वाले ट्रकों के दिल्ली-एनसीआर में प्रवेश पर पाबंदी, हालांकि जरूरी वस्तुओं एवं सेवाओं से जुड़े वाहनों को छूट दी गई है।
● दिल्ली में पंजीकृत डीजल से चलने वाले बीएस-4 भारी मालवाहक वाहनों पर प्रतिबंध।
● निजी निर्माण और ध्वस्तीकरण गतिविधियों पर पूर्ण रोक।
● दिल्ली और एनसीआर में नर्सरी से लेकर नौवीं तक तथा 11वीं कक्षा की पढ़ाई हाइब्रिड मोड में संचालित की जाएगी।
● दिल्ली और एनसीआर की राज्य सरकारें, नगर पालिकाएं और निजी कार्यालय 50 प्रतिशत क्षमता के साथ काम करने का निर्णय ले सकती हैं।
● राज्य सरकारें कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने के साथ-साथ सम-विषम आधार पर वाहन चलाने जैसे आपात उपाय भी लागू कर सकती हैं।


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