लेखपाल भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों के बीच सबसे बड़ा सवाल PET कटऑफ को लेकर है। पिछले अनुभव और आयोग की प्रक्रिया को देखते हुए इस बार की स्थिति को समझना बेहद जरूरी है।
UPSSSC ने PET 2021 के नॉर्मलाइज्ड स्कोर के आधार पर कुल 247667 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट किया था, जबकि उस समय कुल पद 8085 थे। इस प्रकार लगभग 30 गुना अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए बुलाए गए थे। हालांकि उस विज्ञापन में 15 गुना शॉर्टलिस्टिंग का स्पष्ट उल्लेख नहीं था।
आयोग द्वारा उस भर्ती में मुख्य परीक्षा हेतु क्वालिफाइंग कटऑफ निर्धारित की गई थी, जो इस प्रकार रही—
- अनारक्षित वर्ग (GEN) : 62.96
- ओबीसी (OBC) : 62.96
- ईडब्ल्यूएस (EWS) : 62.96
- एससी (SC) : 61.80
- एसटी (ST) : 44.71
➡️ इस बार के विज्ञापन में स्पष्ट रूप से श्रेणीवार 15 गुना अभ्यर्थियों (अंतिम कटऑफ अंक पाने वाले सभी अभ्यर्थियों को सम्मिलित करते हुए) को शॉर्टलिस्ट करने का उल्लेख है। व्यवहारिक रूप से देखा जाए तो अंतिम कटऑफ अंक पर अधिक संख्या में अभ्यर्थी होते हैं, ऐसे में सभी को शामिल करने पर यह सीमा स्वतः बढ़कर 30 गुना तक पहुंच जाती है। कई बार आयोग की प्रक्रिया में ऐसा हो चुका है।
➡️ इस बार लेखपाल भर्ती कुल 7994 पदों पर आई है। यदि आयोग 15 गुना का उल्लेख करते हुए व्यवहार में 30 गुना अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए बुलाता है, तो अनुमान है कि सामान्य श्रेणी के लिए लगभग “86% (परसेंटाइल)” या उससे अधिक पाने वाले अभ्यर्थी शॉर्टलिस्ट हो सकते हैं।
हालांकि कटऑफ इससे कम जा सकती है, लेकिन इससे अधिक जाने की संभावना बहुत कम है।
👉 इसलिए सामान्य वर्ग के वे अभ्यर्थी जिनका PET परसेंटाइल 86% से अधिक है, उन्हें बिना किसी संशय के पूरी गंभीरता से मुख्य परीक्षा की तैयारी में लग जाना चाहिए।
👉 अन्य श्रेणियों (OBC, SC, ST, EWS) की कटऑफ इससे कम रहने की पूरी संभावना है। ❤️👍
यह विश्लेषण पिछले अनुभव, आयोग की प्रक्रिया और विज्ञापन की शर्तों पर आधारित है, जिससे अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी की दिशा तय करने में सहायता मिल सके।


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