प्रयागराज। प्रदेश में परिषदीय विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत आधुनिकीकरण अभियान के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के 27 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) में 13.50 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक डिजिटल स्टूडियो स्थापित किए जाएंगे।
इस पहल का उद्देश्य दृश्य–श्रव्य माध्यमों का उपयोग कर शिक्षण को अधिक प्रभावी और रोचक बनाना है। स्टूडियो में परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक विभिन्न विषयों के उच्च गुणवत्ता वाले वीडियो तैयार कर सकेंगे। इनमें से सर्वश्रेष्ठ वीडियो को चयनित कर सभी विद्यालयों तक पहुँचाया जाएगा, जिससे बच्चों को विषय समझने में आसानी हो और सीखने की प्रक्रिया अधिक आकर्षक बने।
डायट प्राचार्य राजेन्द्र प्रताप के अनुसार हाल ही में आयोजित गूगल मीट में सभी चयनित डायट से दो दिन के भीतर विस्तृत प्रस्ताव भेजने को कहा गया है।
कुल 50 लाख रुपये की लागत में से
- 40 लाख रुपये स्टूडियो निर्माण पर
- 10 लाख रुपये हाईटेक उपकरणों की खरीद पर खर्च होंगे।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस योजना के तहत डायट में पहले से ही प्रशासनिक भवन, अकादमिक ब्लॉक, लाइब्रेरी, कंप्यूटर रूम, प्रयोगशाला, 50 सीटर सेमिनार हॉल, स्पेशल एजुकेशन यूनिट और रिसर्च एंड इनोवेशन सेंटर विकसित किए जा रहे हैं।
इन जिलों में स्थापित होंगे डिजिटल स्टूडियो
केंद्र सरकार ने दो चरणों में कुल 27 डायट को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने के लिए चुना है:
पहला चरण:
प्रयागराज, लखनऊ, वाराणसी, जौनपुर, मेरठ, अलीगढ़, गोरखपुर, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, आगरा, बाराबंकी, कानपुर देहात, कुशीनगर
दूसरा चरण:
आजमगढ़, बरेली, भदोही, फिरोजाबाद, गौतमबुद्धनगर, गाजीपुर, हाथरस, कानपुर, कौशाम्बी, मथुरा, प्रतापगढ़, श्रावस्ती, सुल्तानपुर, उन्नाव


