सर्विस बुक संशोधन: प्रक्रिया और महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
डिजिटल इंडिया अभियान के तहत अब लगभग सभी सरकारी विभागों ने कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड को E-Service Book के रूप में ऑनलाइन कर दिया है। पोर्टल पर डेटा की सटीकता भविष्य में मिलने वाले लाभों जैसे—पेंशन, ग्रेच्युटी और पदोन्नति के लिए अनिवार्य है।
संशोधन मैन्यूअल की आवश्यकता क्यों?
ई-सर्विस बुक में किसी भी बदलाव के लिए एक निर्धारित प्रोटोकॉल होता है। मैन्यूअल में निम्नलिखित पहलुओं की जानकारी दी जाती है:
- सक्षम प्राधिकारी: कौन सा अधिकारी किस प्रकार के संशोधन को मंजूरी दे सकता है।
- दस्तावेजी प्रमाण: सुधार के लिए किन सहायक दस्तावेजों (जैसे हाईस्कूल सर्टिफिकेट, राजपत्र अधिसूचना) की आवश्यकता होगी।
- समय सीमा: आवेदन करने से लेकर सुधार होने तक की समय सीमा।
संशोधन के मुख्य चरण (Step-by-Step Process)
यदि आपकी ई-सर्विस बुक में कोई त्रुटि है, तो सामान्यतः इन चरणों का पालन किया जाता है:
- पोर्टल लॉगिन: कर्मचारी को अपनी ID और पासवर्ड के माध्यम से आधिकारिक पोर्टल (जैसे IFMS, Manav Sampada, आदि) पर लॉगिन करना होता है।
- सुधार अनुरोध (Correction Request): 'Service Book' टैब के अंतर्गत 'Correction Request' या 'Update Profile' का विकल्प चुनें।
- विवरण भरें: जिस कॉलम में सुधार की आवश्यकता है, वहां सही जानकारी दर्ज करें।
- दस्तावेज अपलोड करें: संशोधन की पुष्टि के लिए संबंधित स्कैन किए गए दस्तावेजों को PDF फॉर्मेट में अपलोड करें।
- फॉरवर्डिंग: आवेदन को डिजिटल रूप से अपने आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को फॉरवर्ड करें।
- सत्यापन: DDO द्वारा सत्यापन के बाद, फाइल संबंधित निदेशालय या प्रशासनिक विभाग को अंतिम अनुमोदन के लिए भेजी जाती है।
सामान्यतः होने वाले संशोधन
- व्यक्तिगत विवरण: नाम की स्पेलिंग, पिता का नाम या स्थायी पता।
- जन्म तिथि: इसके लिए अत्यंत कठोर नियम होते हैं और आमतौर पर सेवा में आने के एक निश्चित समय के भीतर ही अनुरोध स्वीकार किए जाते हैं।
- नामांकन (Nomination): परिवार के सदस्यों या नॉमिनी के विवरण में बदलाव।
- शैक्षणिक योग्यता: नई डिग्री या डिप्लोमा को सेवा पुस्तिका में जुड़वाना।


