लखनऊ, प्रदेश में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अलग-अलग रंग और कोड के पेपर तैयार किये जायेंगे। इसके लिए राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश राज्य लोक सेवा आयोग अधिनियम में संशोधन संबंधी अध्यादेश जारी कर दिया है. इसके तहत प्रत्येक प्रश्न पत्र के चार सेट तैयार किये जायेंगे। इनमें से किन्हीं दो का प्रकाशन प्रिंटिंग प्रेस के माध्यम से किया जाएगा। इस अध्यादेश को उत्तर प्रदेश राज्य लोक सेवा आयोग (प्रक्रिया विनियमन) (संशोधन) अध्यादेश, 2024 कहा जाएगा।
इसके अनुसार प्रत्येक प्रश्न पत्र चार अलग-अलग पेपर सेटर्स द्वारा तैयार किया जाएगा। ये पेपर सेटर एक ही स्थान से नहीं होंगे। पेपर सेटर से प्राप्त सीलबंद प्रश्नपत्र परीक्षा नियंत्रक की निगरानी में रखे जायेंगे।
चारों पेपर सेटर्स से प्राप्त प्रश्न पत्रों के लिफाफे उनके संबंधित मॉडरेटर (जो प्रश्न पत्रों को आसानी या कठिनाई की दृष्टि से एक स्तर पर लाते हैं) को रसीद के बदले दे दिए जाएंगे। मॉडरेटर सभी चार प्रश्न पत्रों को अलग-अलग पैकेट में रखेगा और अपनी स्वीकृति की मुहर लगाएगा। कवर पर कोई पहचान चिह्न नहीं लगाएंगे और उन्हें परीक्षा नियंत्रक या उसके नामित व्यक्ति को रसीद लेकर सौंप देगा
चार सेट तैयार होंगे, दो प्रकाशित होंगे
परीक्षा नियंत्रक सीलबंद लिफाफे को खोले बिना किसी भी विषय के दो प्रश्नपत्रों का चयन करेगा। इन्हें एक ही फॉर्म में दो अलग-अलग प्रिंटिंग प्रेस में भेजेंगे। प्रूफ रीडिंग की जिम्मेदारी भी प्रिंटिंग प्रेस की होगी। साथ ही, यह सभी परीक्षा केंद्रों के लिए अलग-अलग रंगों और गुप्त कोड वाले प्रश्न पत्रों के पैकेट अपनी मुहर के साथ तैयार करेगा। प्रश्नपत्रों की गोपनीयता बनाए रखने की जिम्मेदारी प्रिंटिंग प्रेस की होगी। परीक्षा नियंत्रक निर्देश जारी करेंगे और गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सावधानी बरतेंगे।


