सरप्लस समायोजन में आपत्ति कैसे करें? हाई कोर्ट आदेश 2026, PTR नियम, कंपोजिट स्कूल व अंग्रेजी माध्यम से जुड़ी पूरी जानकारी और फॉर्मेट देखें।
माननीय उच्च न्यायालय द्वारा स्पेशल अपील संख्या 398/2026 में दिनांक 22.05.2026 को पारित आदेश के पैरा 10(vi) के अनुसार यह स्पष्ट किया गया है कि—
यदि किसी विशेष आपत्ति के माध्यम से यह सिद्ध होता है कि आपत्ति प्रस्तुत किए जाने की तिथि तक संबंधित विद्यालय का छात्र-शिक्षक अनुपात (Pupil-Teacher Ratio) बदल चुका है, तो जिला स्तरीय समिति (DLC) उस संस्थान के लिए अद्यतन स्थिति को ध्यान में रखते हुए निर्णय ले सकती है। हालांकि सामान्य परिस्थितियों में 30 अप्रैल 2026 की कट-ऑफ तिथि के बाद के आंकड़ों पर विचार नहीं किया जाएगा।
अद्यतन छात्र संख्या के आधार पर आपत्ति
दिनांक 30 अप्रैल 2026 के पश्चात विद्यालय में हुए नवीन प्रवेशों के कारण वर्तमान छात्र संख्या में वृद्धि हुई है (संबंधित छात्र पंजिका/पोर्टल डेटा संलग्न किया जा सकता है)।
- वर्तमान छात्र संख्या के अनुसार विद्यालय में उपलब्ध शिक्षकों की संख्या RTE मानकों के अनुरूप है।
- इस आधार पर किसी भी शिक्षक को सरप्लस नहीं माना जा सकता।
अतः निवेदन है कि माननीय न्यायालय के आदेश दिनांक 22.05.2026 के अनुपालन में वर्तमान छात्र संख्या को ध्यान में रखते हुए सरप्लस सूची में आवश्यक संशोधन किया जाए।
कंपोजिट विद्यालय में प्रधानाध्यापक को सरप्लस मानने पर आपत्ति
विषय: प्राथमिक प्रधानाध्यापक को जूनियर सहायक अध्यापक मानकर सरप्लस दर्शाने के संबंध में आपत्ति
आपत्ति के मुख्य बिंदु:
-
मूल पद में अवैध परिवर्तन: संबंधित शिक्षक का मूल पद ‘प्रधानाध्यापक (प्राथमिक)’ है। कंपोजिट व्यवस्था के बावजूद कैडर में परिवर्तन नहीं किया जा सकता।
-
नियमों का उल्लंघन: प्राथमिक प्रधानाध्यापक को जूनियर स्तर के सहायक अध्यापक के रूप में मानकर सरप्लस घोषित करना सेवा नियमों एवं वरिष्ठता के विरुद्ध है।
-
कैडर आधारित गणना का अभाव: जूनियर स्तर पर पद विषयवार निर्धारित होते हैं, जबकि प्राथमिक प्रधानाध्यापक का कैडर अलग है। ऐसे में उसे निम्न पद पर समायोजित करना अनुचित एवं मनमाना है।
अतः अनुरोध है कि मूल पद ‘प्रधानाध्यापक (प्राथमिक)’ को ध्यान में रखते हुए पुनः गणना की जाए तथा सरप्लस सूची से नाम हटाया जाए।
अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में सरप्लस के संबंध में आपत्ति
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के पत्रांक (दिनांक 05 जनवरी 2018) के अनुसार—
प्रत्येक अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में प्रत्येक कक्षा हेतु एक शिक्षक तथा कुल 5 शिक्षक (प्रधानाध्यापक सहित) अनिवार्य रूप से तैनात किए जाने का प्रावधान है।
इस स्थिति में यदि विद्यालय में निर्धारित संख्या के अनुसार शिक्षक कार्यरत हैं, तो किसी भी शिक्षक को सरप्लस घोषित करना उचित नहीं है।
अतः अनुरोध है कि उक्त प्रावधान के आधार पर सरप्लस सूची से नाम हटाया जाए।
महत्वपूर्ण निर्देश
- ऑफलाइन आपत्ति प्रस्तुत करते समय BSA कार्यालय से प्राप्त रसीद अवश्य लें।
- उसकी एक प्रति सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद को स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजना सुनिश्चित करें।
नोट: यह प्रारूप केवल मार्गदर्शन हेतु है। आप अपनी परिस्थितियों के अनुसार संशोधन कर सकते हैं।




