उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग एवं समग्र शिक्षा के अंतर्गत Special Project for Equity (विशेष परियोजना फॉर इक्विटी) के तहत मीना मंच के सशक्तिकरण, नेतृत्व क्षमता विकसित करने तथा Self-Esteem और Body Confidence Life Skills के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से पत्र जारी किया गया है।
जारी पत्र के अनुसार टीओटी (Training of Trainers) तथा एमटी (Master Trainers) की कार्यशालाएं आयोजित की जानी हैं। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य प्रशिक्षकों को तैयार करना है, ताकि आगे जनपद स्तर पर प्रशिक्षण एवं गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके।
31 अगस्त से 2 सितंबर तक राज्य स्तरीय TOT कार्यशाला
जारी कार्यक्रम के अनुसार राज्य स्तरीय टीओटी कार्यशाला 31 अगस्त से 2 सितंबर 2026 तक आयोजित की जाएगी। यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण सीमैट, प्रयागराज में होगा।
इस कार्यशाला में टीओटी एवं संबंधित संदर्भदाताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद तैयार किए गए प्रशिक्षकों के माध्यम से मास्टर ट्रेनर्स के प्रशिक्षण कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जाएगा।
7 से 17 सितंबर तक Master Trainers की कार्यशालाएं
राज्य स्तरीय TOT के बाद Master Trainers की दो दिवसीय कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इन कार्यशालाओं को अलग-अलग बैच में कराया जाएगा।
कार्यक्रम के अनुसार बैचवार प्रशिक्षण इस प्रकार है—
| बैच | तिथि | प्रतिभागी |
|---|---|---|
| पहला एवं दूसरा बैच | 7-8 सितंबर 2026 | 100 |
| तीसरा एवं चौथा बैच | 9-10 सितंबर 2026 | 100 |
| पांचवां एवं छठा बैच | 11-12 सितंबर 2026 | 100 |
| सातवां एवं आठवां बैच | 14-15 सितंबर 2026 | 100 |
| नौवां बैच | 16-17 सितंबर 2026 | 50 |
इस प्रकार Master Trainers की कार्यशालाओं में कुल 450 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
75 जनपदों के प्रतिभागी होंगे शामिल
जारी संलग्नक में जनपदवार प्रतिभागियों का विवरण भी दिया गया है। प्रत्येक संबंधित जनपद से 6 प्रतिभागियों को शामिल किया गया है। सूची में कुल 75 जनपदों के नाम शामिल हैं, जिससे कुल 450 प्रतिभागियों का प्रशिक्षण निर्धारित किया गया है।
पहले दो बैच – 7 और 8 सितंबर
पहले बैच में निम्न जनपद शामिल हैं—
आगरा, अलीगढ़, औरैया, प्रयागराज, अम्बेडकर नगर, अमेठी, अमरोहा, आजमगढ़ और बागपत।
दूसरे बैच में—
बहराइच, बलिया, बलरामपुर, बांदा, बाराबंकी, बरेली, बस्ती, भदोही और बिजनौर शामिल हैं।
इन दोनों बैचों में कुल 108-108 नहीं बल्कि 54-54 प्रतिभागियों का जनपदवार आवंटन है, यानी प्रत्येक जनपद से 6 प्रतिभागी।
तीसरे और चौथे बैच – 9 और 10 सितंबर
तीसरे बैच में—
बदायूं, बुलंदशहर, चंदौली, चित्रकूट, देवरिया, एटा, इटावा, फैजाबाद और फर्रुखाबाद शामिल हैं।
चौथे बैच में—
फतेहपुर, फिरोजाबाद, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर और हमीरपुर शामिल हैं।
पांचवां और छठा बैच – 11 और 12 सितंबर
पांचवें बैच में—
हापुड़, हरदोई, हाथरस, जालौन, जौनपुर, झांसी, कन्नौज और कानपुर देहात शामिल हैं।
छठे बैच में—
कासगंज, कौशाम्बी, कुशीनगर, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, ललितपुर, लखनऊ और महाराजगंज शामिल हैं।
सातवां और आठवां बैच – 14 और 15 सितंबर
सातवें बैच में—
महोबा, मैनपुरी, मथुरा, मऊ, मेरठ, मिर्जापुर, मुरादाबाद और मुजफ्फरनगर शामिल हैं।
आठवें बैच में—
पीलीभीत, प्रतापगढ़, रायबरेली, रामपुर, सहारनपुर, संभल, संत कबीर नगर और शाहजहांपुर शामिल हैं।
नौवां बैच – 16 और 17 सितंबर
नौवें बैच में—
शामली, सिद्धार्थनगर, सीतापुर, सोनभद्र, श्रावस्ती, सुल्तानपुर, उन्नाव और वाराणसी शामिल हैं।
इस बैच में कुल 50 प्रतिभागियों का प्रावधान है।
राज्य स्तरीय TOT में 20 प्रतिभागी और संदर्भदाता
राज्य स्तरीय टीओटी कार्यशाला के लिए संलग्न सूची में कुल 20 प्रतिभागियों का विवरण दिया गया है। इनमें टीओटी के प्रतिभागियों के साथ संदर्भदाता एवं सहयोगी शामिल हैं।
सूची में बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, जालौन, सीतापुर, फर्रुखाबाद और शामली आदि जनपदों से शिक्षक/प्रशिक्षक शामिल हैं। इसके अतिरिक्त लखनऊ से जुड़े विभागीय प्रतिनिधि एवं विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों को भी कार्यशाला से जोड़ा गया है।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मीना मंच को अधिक प्रभावी और सशक्त बनाना है। इसके साथ ही बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और आवश्यक जीवन कौशल विकसित करने के लिए प्रशिक्षकों को तैयार करना है।
कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों को ऐसे प्रशिक्षण एवं गतिविधियों से परिचित कराया जाएगा, जिन्हें आगे विद्यालयों और संबंधित स्तरों पर लागू किया जा सके।
विशेष रूप से कार्यक्रम में निम्न बिंदुओं पर ध्यान दिया जाएगा—
- मीना मंच का सशक्तिकरण।
- बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता का विकास।
- Self-Esteem अर्थात आत्मसम्मान एवं आत्मविश्वास को बढ़ावा देना।
- Body Confidence से संबंधित Life Skills को प्रभावी रूप से लागू करना।
- प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण देने के लिए TOT तैयार करना।
- Master Trainers को आगे प्रशिक्षण देने के लिए तैयार करना।
- प्रशिक्षण मॉड्यूल और गतिविधियों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना।
प्रशिक्षण में 50 प्रतिशत धनराशि की सीमा
जारी पत्र में कार्यशालाओं के लिए कुल ₹19,34,000 की धनराशि की स्वीकृति का उल्लेख किया गया है। इस स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष 50 प्रतिशत अर्थात ₹9.67 लाख की राशि की लिमिट SNA SPARSH Portal के माध्यम से जारी किए जाने की बात कही गई है।
शेष व्यय प्रशिक्षण की दोनों चरणों की कार्यशालाओं के लिए निर्धारित मदों के अनुसार किया जाना है।
पहले चरण में ₹3.22 लाख का अनुमानित खर्च
राज्य स्तरीय तीन दिवसीय टीओटी कार्यशाला के लिए विभिन्न मदों में कुल ₹3,22,000 का खर्च निर्धारित किया गया है।
इसमें प्रमुख मदें शामिल हैं—
- 20 प्रतिभागियों एवं 5 संदर्भदाताओं के भोजन की व्यवस्था।
- प्रशिक्षण कक्ष, प्रोजेक्टर, माइक और लैपटॉप आदि।
- प्रतिभागियों की आवासीय व्यवस्था।
- यात्रा भत्ता।
- प्रशिक्षण किट।
- संदर्भदाताओं का मानदेय।
- संदर्भदाताओं के ठहरने की व्यवस्था।
- संदर्भदाताओं का यात्रा भत्ता।
- फोटो कॉपी, डॉक्यूमेंटेशन, अनुश्रवण एवं मूल्यांकन।
Master Trainers प्रशिक्षण पर ₹16.12 लाख
दो दिवसीय Master Trainers की नौ बैचों वाली कार्यशाला के लिए कुल ₹16,12,000 का अनुमानित खर्च निर्धारित किया गया है।
इसमें 450 प्रतिभागियों के भोजन, प्रशिक्षण कक्ष, प्रोजेक्टर एवं अन्य उपकरण, आवास, प्रशिक्षण किट, प्रशिक्षण मॉड्यूल की छपाई, मानदेय, ठहरने तथा यात्रा भत्ता आदि मद शामिल हैं।
दोनों चरणों का कुल अनुमानित खर्च इस प्रकार है—
राज्य स्तरीय TOT कार्यशाला: ₹3,22,000
Master Trainers कार्यशालाएं: ₹16,12,000
कुल: ₹19,34,000
कुल स्वीकृत राशि के 50 प्रतिशत के रूप में ₹9,67,000 की राशि का भी पत्र में उल्लेख किया गया है।
प्रशिक्षण किट में क्या-क्या सामग्री होगी?
Master Trainers की कार्यशाला के लिए प्रशिक्षण किट की सामग्री भी निर्धारित की गई है। 500 प्रतिभागियों के लिए Resource Kit में विभिन्न सामग्री शामिल है, जैसे—
- Jute Bag
- Ball Pen
- Scissor
- Stapler
- Stapler Pin
- Note Pads
- Pen Drive
- Fevicol
- Double Side Tape
- Paper Tape
- Scale
- Pencil
- Rubber/Sharpener
इसके अलावा IEC Resource Kit के लिए PKP Module, Badlav Ki Khaniya, Comic Books, Comic Book Set, Adha Full Game आदि सामग्री का भी उल्लेख किया गया है।
प्रशिक्षण के लिए स्टेशनरी की व्यवस्था
प्रशिक्षण में गतिविधियों एवं समूह कार्य के लिए अलग से स्टेशनरी की आवश्यकता भी निर्धारित की गई है। 500 प्रतिभागियों के प्रशिक्षण के लिए इसमें—
- 500 Chart Papers
- Scissors
- Staplers एवं Stapler Pins
- A4 Size Paper
- Sticky Notes
- Sketch Colours
- Paper Markers
- Balloons
- Scale
- Pencil
- Rubber/Sharpener
- Flip Charts
- Coloured Sheets
- Fevicol
- Double Side Tape
- Paper Tape
- Wool Threads
- Bindi Packets
जैसी सामग्री शामिल है।
उत्तर प्रदेश में Special Project for Equity के तहत मीना मंच के सशक्तिकरण और बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास एवं Life Skills विकसित करने की दिशा में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महत्वपूर्ण कदम है। 31 अगस्त से 2 सितंबर 2026 तक राज्य स्तरीय TOT और इसके बाद 7 से 17 सितंबर 2026 तक नौ बैचों में Master Trainers की कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।










